जिसे सहना ओर सुनना आ गया- वो परिवार समाज, गुरु और परमात्मा को भा गया” साध्वी गुणरंजना श्रीजी
रामगंजमंडी-
पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व का दूसरे दिन जैन श्वेताम्बर मन्दिर में विराजित साध्वी गुणरंजना श्रीजी मा. सा.की निश्रा में पर्युषण पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। साध्वी जी ने अपने प्रवचन में कहा की जिसे सहना ओर सुनना आ गया- वो परिवार समाज, गुरु और परमात्मा को भा गया” साध्वी जी ने कहा कि धर्म और व्यापार के क्षेत्र में कोई तरक्की कर रहा है तो उससे जलन नहीं करे।और उसकी राह मे रोडे नही लगावे। हर आदमी को परमात्मा के दरबार में अच्छा करेक्टर लेके जाने का लक्ष्य रखना चाहिये। दिल के दरवाजे एवम भाग्य को खोलने का कार्य पर्युषण पर्व करता है। आखो का उपयोग प्रभु दर्शन,जीभ का उपयोग प्रभु भजन और हाथ का उपयोग प्रभू पूजन के लिये होना चाहिये। – कितना भी कष्ट आने कभी भी धर्म को नही छोड़ने की बात कही। छैनी ओर हथोडी की मार सहने के बाद ही पत्थर प्रतिमा का स्वरूप लेता है।
किसी के काम जो आये उसे ईसान कहते है। पराया दर्द जो अपनाए उसे इंसान कहते हैं।भजन की पंक्तियां गाकर साध्वी जी ने कहा की हर सामर्थवान व्यक्ति को वर्ष मे एक बार
समाज का स्वामीवात्सलय करना चाहिये तथा समाज के गरीब स्वधर्मी भाईयो एवम् बहनो को तीर्थ यात्रा करवानी चाहिये। साध्वी गुणरजना श्री जी ने कहा आदमी प्रभु का स्मरण दुख में करता है। अगर सुख में स्मरण करे तो दुख आये ही नहीं- उन्होंने कहा कि जैसे जैसे आदमी के पास पैसा बड़ा है उसका दिल छोटा होता जा रहा है। भक्त के वचनों की लाज प्रभु भी रखते हैं-पर शर्त है भक्ति मीरा, सुदामा, ओर चंदनबाला जैसी हो।
जानकारी देते हुए राजकुमार पारख (लिटील भाई) ने बताया की दोपहर में मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ की पूजन हुई-। रात्रि को भजन संध्या हुई।-जैन श्वेताम्बर मंदिर में भगवान

आदिनाथ,भगवान पार्श्वनाथ भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमाओं की सुन्दर आँगी की गई।

वही चारो दादा गुरुदेव भी प्रतिमाओं की सुदर आंगी की गई।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी
