जेसीबी और ट्रेन से आई मुनि संघ की पिच्छिकाएं,पंच कल्याणक में हुआ पिच्छिका परिवर्तन समारोह

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जेसीबी और ट्रेन से आई मुनि संघ की पिच्छिकाएं,पंच कल्याणक में हुआ पिच्छिका परिवर्तन समारोह

अशोकनगर
शहर के मंडी प्रांगण में बनाई गई अयोध्या।  नगर में चल रहे पंच कल्याण समारोह के बीच शुक्रवार को मुनि संघ का भव्य पिच्छिका परिवर्तन समारोह आयोजित। किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में मौजूद समाजजन इस आयोजन केसाक्षी बने। यह भी एक संयोग है कि पंचकल्याणक के बीच पिच्छिका परिवर्तन। समारोह आयोजित हुआ है।

 

 

खास बात यह। है कि मुनि संघ को जो पिच्छिकाएं भेंट। की गई हैं, वे अशोकनगर में ही बनी हुई हैं। श्रीमद् जिनेन्द्र पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव, विश्व शांति महायज्ञ एवं गजरथ। महोत्सव का भव्य आयोजन मुनिश्रीसुधासागर महाराज ससंघ के सान्निध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया के निर्देशन चल। रहा है। पंच कल्याणक महोत्सव में दोपहर। बाद श्री दिगम्बर जैन युवा वर्ग के संयोजक में दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी द्वारा भव्य पिच्छिका परिवर्तन समारोह का। आयोजन किया गया। जिसमें मुनिश्री सुधासागर महाराज संघ ने अपनी पुरानी पिच्छिका को बदल कर नवीन पिच्छिका ग्रहण की। यह आयोजन गीत संगीत के। साथ किया गया। जिसमें भजन गाए गए। भजनों पर हजारों की संख्या में मौजूद। समाजजन झूमते हुए नजर आए।

 

मुनिश्री संघ की पिच्छिका परिवर्तन के दृश्य को देखने के लिए लोग अलग-अलग  स्थानों से आए थे। दर्शनोदय की दीक्षा के प्रसंग को
लेकर आई मुनिश्री की पिच्छिका। मुनिश्री सुधासागर ससंघ का भव्य पिच्छिका। परिवर्तन समारोह मधुर भजनों के साथ हुआ।मंडी प्रांगण स्थिति अयोध्या नगरी में दोपहर एक बजे से संगीत के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ बालिका जैन युवा वर्ग की संगीत नृत्य के साथ प्रस्तुत दी गई।

 

 

श्री दिगम्बर जैन। युवा वर्ग द्वारा भव्य पिच्छिका परिवर्तन समारोह में मुनिश्री की पिच्छिका दर्शनोदय तीर्थ थुंबोनजी में हुई दीक्षा के प्रसंग को लेकर। आए पिच्छिका का भेंट करने का सौभाग्य पदम कुमार सौरभ कुमार बांझल परिवार को। मिला। वहीं पुरानी पिच्छिका चक्रवर्ती राकेश। अमरोद परिवार को मिली। इन सभी कासम्मान किया गया।

अशोकनगर में बनी पिच्छिकाएं। संघको भेंट की जाती है
चातुर्मास के बाद जैन साधुओं का हर साल। पिच्छिका परिवर्तन समारोह होता है। इसमें। उन्हें नई पिच्छिकाएं भेंट की जाती हैं।आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज के संघ। के अधिकांश साधुओं के लिए अशोकनगर में बनी हुई पिच्छिाएं ही भेंट की जाती हैं। यह काम जैन युवा वर्ग अशोकनगर द्वारा किया जाता है। समाज के सुनील बजाज,  संजय बजाज और अन्य लोग पिच्छिकाएं बनाते हैं। इन लोगों ने कई वर्षों पहले। पिच्छिका बनाना सीखा था। इसके बाद
अब अगली पीढ़ी भी पिच्छिका बनाने लगी।

 

मुनि प्रवेश की झांकी बनाई है। इसके लिए सालभर सामग्री एकत्रित की
इस बार मुनिश्री के पिच्छिका परिवर्तन को लेकर विशेष तैयारियां
की गई थीं। पिच्छिकाएं ट्रेन, जेसीबी और ड्रिल मशीन से मंच तक भेजी गईं। वहीं जेसीबी पर।  बड़ा नारियल लटकाकर मुनिश्री के
चरणों में समर्पित किया गया। इस।  दौरा खास आकर्षण का केंद्र
मुनिश्री के शहर में प्रवेश का झांकी। रही। जिसमें 10 जुलाई को उनके। प्रवेश के पलों को दोबारा सजीव किया गया। जैसे जैसे झांकी आ रही। थी, मुनिश्री के प्रवेश के क्षणों को। याद कर लोगों में उत्साह का। वातावरण बन रहा था। देश के अधिकांश हिस्सों में यहीं
से पिच्छिका पहुंचाई जाती हैं।

सब कुछ करने के बाद भी मन में भाव, कि इससे भी आगे कुछ है मुनि श्री 

धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए मुनिश्री सुधासागर महाराज ने
ने कहा सब कुछ करने के बाद उस समय तुम्हारे मन में भाव आए जो वैभव दिख रहा है, इससे अभी कुछ और बाकी है। यहां।   तक कि आपके नेत्र सूर्य अतिशय क्षेत्र में बैठे प्रभु। के दर्शन भी कर लें तो भी भाव आए अभी कुछ बाकी है। थक जाना जिंदगी का विराम। है। थक गए तो रूक गए, लेकिन थकने का काम नहीं है। अभी मैंने जो कुछ भी किया वह पूर्णता है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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