प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ से 35 से 40 लोगों की हुई मृत्यु प्रयागराज में 9 करोड लोग होने की उम्मीद
प्रयागराज
प्रयागराज महाकुंभ में मंगलवार एवं बुधवार की रात्रि को करीब 1:30 बजे भगदड़ मच गई एक हादसे में 35 से 40 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। 70 से ज्यादा लोग घायल हैं।
इस घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है। और कहा कि श्रद्धालु संगम पर ही स्नान करने की ना सोचे गंगा हर जगह पवित्र है। वे जहां है उस तट पर स्नान करें।

क्या रही भगदड़ की वजह
अमृत स्नान की वजह से ज्यादातर पांटून पुल बंद थे। इस कारण संगम पर करोड़ों लोगों की संख्या इकट्ठी हो गई। इससे बेरीगेट मे कुछ लोग फसकर गिर गए और भगदड़ अफवाह मच गई और फैल गई। संगम नोज पर एंट्री और एग्जिट के रास्ते अलग-अलग नहीं थे। लोग जिस रास्ते से जा रहे थे उसी रास्ते से वापस आ रहे थे। ऐसे में जब भगदड़ मची तो लोगों को भागने का मौका नहीं मिला। वे एक दूसरे के ऊपर गिरते चले गए।



हादसे के बाद 70 एम्बुलेंस संगम तट पर पहुंच गई इनमें घायल और मृतकों को अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद एनएसजी के कमांडो ने अपना मोर्चा संभाल लिया। संगम नोज पर आम लोगों की आने की एंट्री बंद करदी। भीड़ न बड़े इसलिए प्रयागराज से सटे जिलों में श्रद्धालुओं को रोक दिया गया है। और प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है।
मौनी अमावस्या होने से 8 से 10 करोड लोग मौजूद है।
