आचार्य विनिश्चय सागर महाराज ससंघ कोजयपुर के श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच नैनवा में जयपुर आगमन के लिए किया श्रीफल भेंटआचार्य श्री ससंघ का जयपुर की ओर चल रहा मंगल विहार –
जयपुर –
गणाचार्य 108 विराग सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य वाक केसरी आचार्य 108 विनिश्चय सागर महाराज ससंघ (पांच पिच्छीका) का रामगंज मण्डी जिला कोटा में भव्य चातुर्मास समापन के बाद जयपुर होते हुए करनाल (हरियाणा) के लिए मंगल विहार चल रहा है।इसी कड़ी में आचार्य विनिश्चय सागर महाराज ससंघ का गाजो बाजों के साथ विशाल जुलूस के रुप में नैनवा में भव्य मंगल प्रवेश हुआ।
इस मौके पर जयपुर के श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री ससंघ को नैनवा में आयोजित धर्म सभा में श्रीफल भेट कर जयपुर आगमन के लिए निवेदन किया ।

इस मौके पर जयपुर के साथ रामगंज मण्डी, शिवाड, निवाई, नैनवा के श्रद्धालुओं ने भी श्री फल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
राजस्थान जैन सभा जयपुर के उपाध्यक्ष विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि इस मौके पर आयोजित धर्म सभा में जयपुर से आये हुए राजस्थान जैन युवा महासभा जयपुर के प्रदेश अध्यक्ष एवं राजस्थान जैन सभा जयपुर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदीप जैन,राजस्थान जैन सभा जयपुर के उपाध्यक्ष एवं राजस्थान जैन युवा महासभा जयपुर के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा,श्योपुर दिगम्बर जैन समाज के पूर्व अध्यक्ष अशोक बाकलीवाल, प्रतिष्ठाचार्य डाॅ विमल कुमार जैन,राजस्थान जैन युवा महासभा जयपुर के सांगानेर सम्भाग के अध्यक्ष एवं राजस्थान जैन सभा जयपुर के कार्यकारिणी सदस्य चेतन जैन निमोडिया,मुनि भक्त सीए शुभम जैन, अंकित सोनी, पुलकित जैन गजानन्द काला, निवाई से समाजसेवी विमल जोला, विमल सोगानी ने गणाचार्य विराग सागर महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन किया । आचार्य श्री के पाद पक्षालन, जिनवाणी भेंट के बाद प्रतिष्ठाचार्य डाॅ विमल कुमार जैन, चेतन जैन निमोडिया, विमल जोला निवाई आदि ने अपने विचार प्रकट करते हुए निवाई एवं जयपुर आगमन के लिए निवेदन किया।
तत्पश्चात आचार्य श्री के मंगल प्रवचन हुए। आचार्य श्री ने कहा कि भगवान महावीर की वाणी को समझकर जैन दर्शन की प्रभावना बढानी चाहिए। गुरु जब शिष्यों के द्वारा धर्म प्रभावना बढते हुए देखते है तो उन्हें बहुत प्रसन्नता होती है।
उन्होंने कहा कि दिगम्बर जैन संत आर्यिका माताजी के पिच्छीका- कमण्डल में इतनी ताकत होती है कि उससे कर्मो की निर्जरा के साथ मोक्ष मार्ग प्रशस्त होता है।
श्री जैन के मुताबिक आचार्य श्री ससंघ का जयपुर से पूर्व श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा एवं दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र छोटा गिरनार बापूगांव में भव्य मंगल प्रवेश होना संभावित है।
राजस्थान जैन सभा जयपुर के उपाध्यक्ष विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि आचार्य श्री ससंघ का विहार का रुट रामगंज मण्डी – कोटा – केशवराय पाटन – नैनवा – टौक – निवाई – चाकसू – छोटा गिरनार – पदमपुरा होते हुए जयपुर महानगर में भव्य मंगल प्रवेश है।
इस दौरान आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज का रविवार, 14 दिसम्बर को दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा मे मुनि दीक्षा दिवस समारोह भी धूमधाम से मनाया जाना प्रस्तावित है।
मुनि भक्त अंकित सोनी बाडा पदमपुरा वाले एवं सीए शुभम जैन ने बताया कि आचार्य श्री भीलवाड़ा में सन् 2007 में चातुर्मास के बाद जयपुर में सन 2008 में पहली बार तथा दूसरी बार सन् 2012 में जयपुर के सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन में गणाचार्य श्री विराग सागर जी महाराज के सानिध्य में आयोजित ऐतिहासिक युग प्रतिक्रमण यति सम्मेलन में आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी महाराज मुनिराज के रुप में जयपुर पधारे थे।
चेतन जैन निमोडिया ने बताया कि आचार्य विनिश्चय सागर महाराज का दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा में भी प्रवास रहा।
आचार्य श्री के पूर्व में किशनगढ़ एवं शिवाड में चातुर्मास हो चुके हैं।
आचार्य श्री के मंगल विहार की जानकारी के लिए निम्न नम्बरों पर सम्पर्क किया जा सकता है।
90575 55542
98298 64876
93517 83600
94689 19253
90246 07061
विनोद जैन कोटखावदा
उपाध्यक्ष
राजस्थान जैन सभा जयपुर
