जिसका आत्म विश्वास मजबूत होता है वह कैसी भी परिस्थिति आ जाये वह अपने निर्णय से डगमगाता नहीं प्रमाण सागर महाराज

धर्म

जिसका आत्म विश्वास मजबूत होता है वह कैसी भी परिस्थिति आ जाये वह अपने निर्णय से डगमगाता नहीं प्रमाण सागर महाराज
भोपाल
“भय” एक ऐसा आवेग है,जो मनुष्य को भीतर से उद्देलित और बैचेन कर देता है, यह मनुष्य की बहुत बड़ी दुर्बलता है,इस आवेग में तन मन और धन तीनों बुरी तरह प्रभावित होते है” उपरोक्त उदगार मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने व्यक्त किये।

 

 

उन्होंने कहा कि कभी कभी भय जन्य स्थितियां उत्पन्न होती है,तो कभी कभी आप काल्पनिक भय के कारण से ही घबराहट, बैचेनी,और कमजोरी महसूस करने लगते है। उन्होंने “भय” उत्पन्न होंने के चार कारणों में- सबसे पहला है “आत्मविश्वास की कमी” के कारण व्यक्ति डरपोक हो जाता है और वह किसी काम में सफली भूत नहीं हो पाता वह हमेशा शंका से ग्रसित रहता है,इसके उलट जिसका आत्म विश्वास मजबूत होता है वह कैसी भी परिस्थिति आ जाये वह अपने निर्णय से डगमगाता नहीं है और वह सफल भी हो जाता है।

 

मुनि श्री ने कहा आजकल आत्मविश्वास की कमी के कारण व्यक्ति अनजान भय से ग्रसित होकर चिंता अवसाद से ग्रसित हो जाते है उन्होंने कहा कि अपने अंदर के विश्वास (सेल्फ कान्फीडेंस) को कमजोर मत होने दीजिये परिणाम अपने आप सही आऐंगे। दूसरा कारण है “नकारात्मक सोच” है उसके कारण व्यक्ति भय से मुक्त नहीं हो पाता अपने शंकालु स्वभाव के कारण वह बैचेनी महसूस करते है और वह आगे नहीं बढ़ पाते है। तीसरा कारण है “अंध विश्वास” तथा चौथा कारण है “वहम” किसी को नुकसान हुआ या किसी के यहा इनकमटैक्स का छापा पड़ा या कोई बीमार पड़ा उन बातों को अपने ऊपर ले लेना यह फालतू का बहम है इन सभी बातों से अपने आपको बचाइये और अपना सेल्फ कान्फीडेंस को मजबूत कीजिये अपनी आत्मा पर विश्वास कीजिये कि आपकी आत्मा अजर अमर है डरना किस बात का? यदि आप डरोगे नहीं तो आई हुई विपत्ति भी टल जाएगी।

प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने देते हुये कहा कि रविवार को प्रातःप्रवचन विद्या प्रमाण गुरुकुलम् में होगा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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