रामपुरा में हुआ संत मिलन – जब संत मिलते है तो जग को खुशी होती है – आचार्य प्रज्ञा सागर

धर्म

रामपुरा में हुआ संत मिलन – जब संत मिलते है तो जग को खुशी होती है – आचार्य प्रज्ञा सागर

कोटा, 2 दिसंबर । में जब अपने से बड़ों से मिलता हूं तो क्षीर में नीर की तरह मिलने का प्रयास करता हूं और अपने से छोटों से मिलता हूं तो उन्हें अपने में मिलाने का प्रयास करता हूं क्योंकि क्षीर रूपी बड़ों में मिलकर मुझ पानी की कीमत बढ़ जाती है और छोटों को अपने में मिलाकर में उन्हें भी अपने जैसा बनाना चाहता हूं रामपुरा में संत मिलन के बाद आयोजित धर्मसभा में अपना व्याख्यान देते हुए आचार्य प्रज्ञासागर जी ने सभा को संबोधित किया ।

 

 

सकल जैन समाज रामपुरा के अध्यक्ष चेतन जैन (रामगढ़) वाले ने जानकारी देते हुए बताया कि आचार्य प्रज्ञा सागर जी द्वारा 2 दिसंबर को रामपुरा आगमन की स्वीकृति प्रदान की थी पर संयोग वश बूंदी की ओर से भी मुनि श्री अनुपम सागर जी एवं मुनि श्री निर्मोह सागर जी के आगमन की सूचना प्राप्त हुई तब दोनों संघों के मिलन को महोत्सव में परिवर्तित करने हेतु आयोजन को नियोजित किया गया ।

 

 

महामंत्री निर्मल पोरवाल ने बताया कि रामपुरा के ऐतिहासिक पीपल वृक्ष के नीचे संघों के मिलन हेतु मंच बनाया गया । प्रातः 8 बजे अग्रवाल मंदिर शास्त्री मार्केट के आचार्य संघ ने एवं रिद्धि सिद्ध से मुनि संघ ने विहार किया और लगभग 8:30 बजे सैकड़ों श्रावकों की उपस्थिति में दोनों संघों का आत्मीय मिलन हुआ । दोनों मुनियों ने आचार्य श्री की चरण वंदना की एवं आचार्य श्री ने दोनों मुनियों को अपने गले से लगाया ऐसा वात्सल्यमयी दृश्य देखकर श्रावकों के नेत्र सजल हो गये। वहीं से शोभायात्रा प्रारंभ हुई पूज्य आचार्य श्री के 29 वर्ष बाद रामपुरा पुनरागमन के प्रतीक स्वरूप 29 दंपत्तियों द्वारा क्रमशः 29 थाल में आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन किया गया । आर्यसमाज रोड होते हुए श्री सूरजबाई दिगम्बर जैन छात्रावास धर्मशाला नवीन परिसर में शोभायात्रा पहुंच कर धर्मसभा में परिवर्तित हुई । जहां सकल दिगम्बर जैन समाज समिति कोटा के अध्यक्ष प्रकाश बज, महामंत्री पदम बड़ला, विमल नान्ता, मनोज जैसवाल, नरेश वेद, निखिलेश सेठी, पीयूष बज, राजेंद्र गोधा सहित गणमान्य लोगों ने आचार्य संघ को श्रीफल भेंट करते हुए दीप प्रज्वलन की मांगलिक क्रिया को सम्पादित किया ।

 

 

 

 

 

गुरु पाद प्रक्षालन का सौभाग्य श्री निखिलेश – कनिका सेठी परिवार को प्राप्त हुआ ।

 

मुनि श्री अनुपम सागर जी ने अपने उद्बोधन में बताया कि पूज्य आचार्य श्री से हम पहले भी मिल चुके है किन्तु हर बार मिलने के बाद इनके व्यक्तित्व से हमारी निकटता और बढ़ जाती है । आचार्य श्री रामपुरा के श्रावकों को संबोधित करते हुए कहा कि जब श्रावक आपस में मिलते है तो केवल दोनों मिलने वालों को खुशी हो सकती है पर जब दो साधक आपस में मिलते है तो पूरे जग को खुशी होती है। श्रावक भी अपनी प्रवृत्ति शुभ में लगाने का प्रयास करे और जब भी कोई त्यागी साधक रामपुरा आए तो उसकी सेवा सुश्रुषा में अपना नाम पहले नंबर पर दो। सभी नियम लो कि वर्ष में हम कम से कम 100 साधकों के दर्शन अवश्य करेंगे और एक जिनवाणी का स्वाध्याय भी करेंगे । ये सब वो नियम है जिनसे हमारी शुभाशुभ प्रवृत्ति निरंतर बढ़ती रहेगी ।

 

 

 

 मीडिया प्रभारी राकेश जैन ‘चपलमन’ के अनुसार 3 दिसंबर को दोपहर 2 बजे आचार्य संघ श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन महासभा के तत्वावधान में आयोजित ‘विरासत से मिलो’ कार्यक्रम में जैन कला दीर्घा का अवलोकन करेंगे एवं तत्पश्चात जैल में कैदियों को वात्सल्य संबोधन प्रदान करेंगे ।

 

 

 

जिनेंद्र पापड़ीवाल ने बताया कि आगामी दिवसों में आचार्य संघ की अतिशय क्षेत्र केशोराय पाटन एवं अतिशय क्षेत्र जहाजपुर की पद वंदना का आयोजन भी प्रस्तावित है ।

राकेश जैन ‘चपलमन9829097464 से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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