निवाई में मुनि पावन सागर महाराज का गाजे बाजे से मंगल प्रवेश हुआ मानव का शत्रु क्रोध है – मुनि पावन सागर महाराजआचार्य वर्धमान सागर महाराज संध के साधुओं के साथ मंगल मिलन
निवाई – सकल दिगम्बर जैन समाज के श्रद्धालुओं द्वारा
शनिवार को पूज्य सन्त शिरोमणि आचार्य विद्या सागर महाराज के शिष्य मुनि पावन सागर महाराज ससंघ का गाजे बाजे के साथ मंगल पदार्पण हुआ इसके साथ ही सन्त निवास नसियां जैन मंदिर में विराजमान वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के शिष्य जैन मुनि प्रणव सागर महाराज सहित 26 चतुर्विंध संध का भव्य मिलन जमात क्षेत्र स्थित पर मधुर मिलन कार्यक्रम हुआ।
जैन समाज के प्रवक्ता विमल जौंला एवं सुनील भाणजा ने बताया कि मुनि पावन सागर महाराज संध का रात्रि विश्राम विज्ञा तीर्थ गुन्सी में हुआ। महाराज श्री के विज्ञा तीर्थ पहुंचने पर वहां विराजमान आर्यिका ज्ञान श्री माताजी का मिलन हुआ माताजी ने नमोस्तुते करते हुए जैन मुनियों के दर्शन किए। शनिवार को विज्ञा तीर्थ गुन्सी से मंगल विहार करके निवाई पहुंचे जहां निवाई जैन समाज के श्रद्धालुओं ने संतो का पाद प्रक्षालन एवं आरती कर अगुवानी की। इस दौरान सभी जैन संतों का जुलूस राधा दामोदर सर्किल गणगौरी बाजार होते हुए नसियां जैन मंदिर पहुंचे जहां सभी संतों ने भगवान शांतिनाथ जी के दर्शन किए। इस दौरान महावीर प्रसाद पराणा विष्णु बोहरा नवरत्न टोंग्या संजय जैन मुकेश बनेठा दीपक पराणा अनिल जैन शंभु कठमाणा राजेश बनेठा पवन बोहरा आशीष जैन संजय चंवरिया पारसमल पराणा अनिल भाणजा पारसमल चेनपुरा राजेन्द्र सेदरिया सुनील चेनपुरा रोनक बोहरा सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।
इस अवसर पर मुनि पावन सागर महाराज एवं मुनि प्रणव सागर महाराज ने कहा कि मानव का शत्रु क्रोध है। यदि किसी को बात बात पर क्रोध आता है तो यह समझ लेना चाहिए कि उसने पग पग पर अपने शत्रुओं को तैयार कर लिया है। उन्होंने कहा कि क्रोध के अलावा दूसरा कोई पाप नहीं है। क्रोध के आवेश में आकर प्राणी अपने और पराए के प्राणों का धात करने के लिए तैयार हो जाता है।
