पूरे विश्व सहित नगर में 56 वां दिवस मनाया गया मैंने ना तीर्थंकर देखें, ना अरिहंत मिले, विद्या गुरुवर जैसे निग्रंथ ,मुझे मेरे गुरुवर मिले, मुनि विमल सागर जी

धर्म

पूरे विश्व सहित नगर में 56 वां दिवस मनाया गया मैंने ना तीर्थंकर देखें, ना अरिहंत मिले, विद्या गुरुवर जैसे निग्रंथ ,मुझे मेरे गुरुवर मिले, मुनि विमल सागर जी

घाटोल

वासुपूज्य दिगंबर जैन मंदिर प्रांगण में धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री ने कहा कि चतुर्थ कालीन चर्या के धारक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का बहुत बड़ा उपकार हम सब पर है जहां इस भावलिगी संत ने पूरे देश में अपनी चर्या और गुणों के बदौलत ही हमें पिच्छी और कमंडल धारी संतो के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है यह हम सब पर बहुत बड़ा उपकार है पूरे विश्व के लिए यह पावन दिन है, गुरुदेव की यश पताका पूरे विश्व में फैलती रहे यह भावना है, उनकी 55000 वर्ष की साधना हो गई है।

 

प्रातः काल संत भवन प्रांगण में नित्य नियम अभिषेक एवं शांतिधारा के उपरांत मुनि श्री अनंत सागर जी, धर्म सागर जी, और भाव सागर जी महाराज के सानिध्य में एवं भोपाल के ब्रह्मचारी अविनाश भैया जी के निर्देशन में आचार्य श्री का मुनि दीक्षा दिवस मनाया गया जहां पर महिला मंडल की अध्यक्षा गुंजन शाह एवं मंत्री त्रिशला सेठ के निर्देशन में आचार्य श्री की विशेष पूजा अर्चना की गई

 

 

 

 

जिसमें जल चंदन अक्षत पुष्प नेवैध इत्यादि थाल सजाकर अष्ट द्रव्य समर्पित किए गए ।कार्यक्रम में नगर सेठ राजमल सेठ के साथ ही जैन युवा संगठन के अध्यक्ष वैभव घाटलिया मंत्री पुनीत कोठारी, श्रीपाल वगेरिया, भानु कोठारी, धनपाल लालावत बदामी लाल जोधावत, मानमल सीतावत, इत्यादि के साथ हैं नगर के गणमान्य जन महिला एवं पुरुष उपस्थित थे।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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