तीर्थंकर बालक के जन्म पर हजारों भक्तों का जन सैलाब उमड़ा हेलिकॉप्टर से सौंधर्म इंद्र ने पुष्प वृष्टि की।तीर्थंकर बालक जन्म से मति श्रुत,ओर अवधि ज्ञान सहित 10अतिशय के धारी होते है।आचार्य श्री वर्धमान सागर जी
पीपल्दा सवाई माधोपुर 29 नवंबर (राजेश पंचोलिया इंदौर)
पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधी 108 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सानिध्य में मनाए जाने वाले पंच कल्याणक के दूसरे दिन तीर्थंकर बालक का जन्म दिन पर तीर्थंकर बालक श्री चंद्र कुमार को समर पूर्वा कँठाली सौधर्म इंद्र हाथी पर सवार हुए इनके साथ अन्य इंद्र भी हाथी और बग्घी पर विराजित हुए नगर भ्रमण के बाद कार्यक्रम स्थल पाण्डुक शिला पर तीर्थंकर बालक को विराजित कर समर पूर्वा सौधर्म इंद्र ने प्रथम कलश किया।फिर बोली से चयनित पुण्यार्जक परिवार द्वारा अभिषेक किया गया।1008 कलशों से भगवान का अभिषेक हुआ।
सौधर्म इंद्र हुए भावुक
तीर्थंकर बालक का रूप इतना अनुपम होता हैं कि सौंधर्म इंद्र को दो नेत्रों से तृप्ति नहीं होती तो एक हजार नेत्रों से भगवान के दर्शन करते है भगवान के प्रथम दर्शन से भाव परिणाम इतने निर्मल होते हे कि वह शचि इंद्राणी अगले जन्म में मोक्ष चले जाते हैं लौकिक इंद्र ने जैसे ही भगवान को हाथों में लिए खुशी से उनके नेत्र सजल हो गए।जन्म कल्याणक की खुशी में नगर में पहली बार सौंधर्म इंद्र परिवार के समर, पूर्वा, प्रमथेश,सावन,स्पर्श एवं परिवार ने हेलिकाप्टर से पुष्प वर्षा की इस अवसर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने प्रवचन में बताया कि श्रीमद् पंचकल्याणक प्रतिष्ठा में आज भगवान का जन्म हुआ है भगवान जन्म से मति ज्ञान, श्रुत ज्ञान और अवधि ज्ञान के धारी होते हैं ।आप लौकिक लोग बर्थडे जन्मदिन मनाते हैं, किंतु भगवान का महापुरुषों काजन्म कल्याणक मनाया जाता है। जन्म कल्याणक सौंधर्म इंद्र सभी इंद्र के साथ ऐरावत हाथी पर नगर की 3 परिक्रमा लगाते हैं यह मंगल देशना चंद्रपूरी पीपलदा जिला सवाई माधोपुर में श्री चंद्रकुमार तीर्थंकर बालक के जन्म कल्याणक पर प्रगट की ।

गुरुभक्त राजेश पंचोलिया अनुसार आचार्य श्री ने प्रवचन में आगे बताया कि भगवान के 34 अतिशय में जन्म के 10 अतिशय में भगवान को पसीना नहीं आता है ,भगवान का रक्त सफेद होता है ,उनमें सहन शक्ति अत्यधिक होती है अनंत बल के धारी होते हैं, शरीर सुगंधित होता है, तीर्थंकर बालक मधुर वचन कहते हैं, उनके शारीरिक लक्षण उत्तम होते हैं, तीर्थंकर बालक में 1008 उत्तम लक्षण होते हैं उनका बिना सौंदर्य साधन केअनुपम रूप होता है ,यह रूप स्वाभाविक नेचुरल होता है।बालक का जन्म तीर्थंकर नाम कर्म प्रकृति के बंध और पूर्व जन्मों के संचित पुण्य के कारण होता है ।आचार्य श्री के प्रवचन के पूर्व मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने 16 सपनो के अर्थ में तीर्थंकर बालक के गुण बताए।सभागार में चन्द्रप्रभु भगवान व आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज के जयकारे गूंजे। मनोज सोगानी अनुसार प्रतिष्ठाचार्य मनोज शास्त्री के निर्देशन में 29 नवंबर को प्रातः जिनाभिषेक एवं नित्यार्जन, तीर्थंकर जिन बालक जन्म जन्मोत्सव मनाया गया। वर्धमान सभागार में वात्सल्य वारिधि आचार्य वर्धमान सागर महाराज ससंघ के मंचासीन होने के बाद पुण्यार्जक परिवारों द्वारा चित्र अनावरण, दीप प्रज्ज्वलन, आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को शास्त्र भेंट व पाद प्रक्षालन पारस इंजीनियर , राजेश बी शाह एवं अन्य ने किया । कार्यक्रम के दौरान स्वागत अभिनंदन किया गया। महामहोत्सव के पात्रों द्वारा जन्म कल्याणक पूजा व हवन किया गया। सांयकाल पांडाल में श्रीजी की महाआरती की गई। शास्त्र सभा के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। अनेक नगरों की समाज ने आचार्य श्री को नगर आने हेतु निवेदन किया पदम पूरा अतिशय क्षेत्र कमेटी ने आचार्य श्री ने आशीर्वाद लेकर आगामी पंच कल्याणक हेतु आचार्य श्री को पधारने का निवेदन किया।
पालना महोत्सव तीर्थंकर बालक का पालना कार्यक्रम में इंद्र परिवार के बाद समाज ने पालना झूला कर पुण्य लाभ लिया।
तपकल्याणक महोत्सव 30नवंबर को
दिगम्बर जैन चंद्र प्रभु मंदिर के श्रीमद जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्राण प्रतिष्ठा महा महोत्सव के तीसरे दिन को तप कल्याणक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। प्रातः 5.30 बजे ध्यान व आशीर्वाद सभा, प्रातः 6.30 बजे श्रीजिनाभिषेक व नित्यार्जन, प्रातः 8.15 बजे बाल क्रीडा और 9 बजे प्रवचन सभा होगी। पंच कल्याणक समिति के पदाधिकारियों मनोज जैन सोगानी ने बताया कि दोपहर 1 बजे राज्याभिषेक, वैराग्य दर्शन, गृह त्याग, दीक्षाविधि संस्कार, तपकल्याणक पूजा व हवन होगा। सांय 6.30 बजे आरती, 7.30 बजे शास्त्र सभा और रात्रि 8 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312


