मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने लिया आचार्य श्री सुंदर सागर महाराज एवम आचार्य श्री शशांक सागर महाराज का आशीष धर्म में राजनीति आने पर विनाश होता है, लेकिन राजनीति में धर्म आने पर विकास होता है : आचार्य श्री सुंदर सागर महाराज
| जयपुर
जिस तरह साधु-संत सारे भक्तों एवं श्रद्धालुओं के होते हैं, उसी तरह सच्चा नेता भी वहीं होता है, जो प्रदेश व देश का होता है, ना कि किसी सम्प्रदायविशेष का जीवन में यदि तरक्की करना चाहते हो, तो हमेशा प्रसन्न रहना सीखों। ये बात गुरुवर आचार्य सुन्दर सागर महाराज ने मानसरोवर के बी-2 बाईपास स्थित मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय परआयोजित धर्म सभा में कही।
आचार्य श्री ने कहा कि जो भगवान के भजन करेगा, वही मुख्यमंत्री और मंत्री बनेगा। गीता सनातन का सबसे बड़ा ग्रंथ है।उसी तरह जैन धर्म का सबसे बड़ा ग्रंथ तत्वार्थ सूत्रहै। उन्होंने कहा कि भजनलाल दौड़े-दौड़े संतों केपास गए, यह उनका पुण्य था। संत मुख्यमंत्री कैंपकार्यालय आए, ये प्रभु की कृपा है। धर्म में राजनीतिआने पर विनाश होता है, लेकिन राजनीति में धर्मआने पर विकास होता है। मुख्यमंत्री भजनलालशर्मा को सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर सेमातृ भू सेवक की उपाधि से सम्मानित किया गया।इस दौरान सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक, सुनीलजैन, एडवोकेट महावीर सुरेंद्र जैन, उपमहापौर पुनीतकर्णावट, सुरेश मिश्रा, राजेश अजमेरा, विनोद जैन,भारत भूषण जैन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने आचार्य सुन्दर सागर,शशांक सागर से लिया आशीर्वाद इससे पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को प्रातः 8:45 बजे एसएफएस के श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर पहुंचकर आचार्य सुन्दर सागर महाराज एवंशशांक सागर मुनिराज को श्रीफल भेंट कर आशीर्वादप्राप्त किया। इसके बाद आचार्य संघ के साथ पैदल विहार करते हुए मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय पहुंचे।


प्रशासनिक समन्वयक एडवोकेट महावीर सुरेन्द्र जैन ने बताया कि कैम्प कार्यालय में प्रातः 9 बजे से धर्मसभा का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री के साथ भक्तअशोक चांदवाड ने आचार्य के पाद प्रक्षालन किए। जब मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा दोनो आचार्य श्री का आशीष लेने पहुंचे तो वे नतमस्तक हो गए और दोनों आचार्य श्री के हाथ थामें पैदल चले।
इस अवसर पर श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज जी का मानसरोवर मुख्यमंत्री जनसुनवाई कैंप कार्यालय में आगमन हुआ।
आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज तप, त्याग और धर्म साधना के प्रतीक हैं, जिनके उपदेश समाज को सदाचार और अहिंसा के मार्ग पर अग्रसर कर रहे हैं।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312







