557 दिनों की कठोर साधना 496 दिन का निर्जल उपवास का अनुशासन आत्म संयम का एक अद्भुत उदाहरण देखने को मिला योगी आदित्यनाथ भारतीय संस्कृति धन पतियों का नहीं धर्मात्माओं का सम्मान करती है, ..आचार्य प्रसन्न सागर जी*
गाजियाबाद–
यह मेरा सौभाग्य है गुफा मंदिर भगवान पारसनाथ स्वामी व क्रांतिकारी राष्ट्र संत तरुण सागर जी महाराज की स्मृतियों के दर्शन करने का अवसर मिला। भारत की परम्परा भारत की स्मृतियों में संतों ऋषियों मुनियों के त्याग की एक महा गाथा है। यह गाथा विश्व मानवता के लिए एक प्रेरणा रही है। अयोध्या में भगवान प्रभु राम के मंदिर का ध्वज आरोहण हुआ। जो पूरे विश्व में सनातन का वैभव बता रहा हे। प्रथम तीर्थंकर भगवान राजा ऋषभदेव स्वामी व चार अन्य जैन तीर्थंकर अयोध्या की धरती पर पैदा हुए। आध्यात्मिक नगरी काशी में चार तीर्थंकर अवतरित हुए। भगवान महावीर स्वामी संभव नाथ स्वामी की जन्मस्थली के दर्शन हुए। इन 24 जैन तीर्थंकरों ने समाज को एक नई दीक्षा प्रदान की है। उन्होंने मानव समाज को करुणा, मैत्री, अहिंसा की प्रेरणा दी है। मानव के साथ साथ जीव जंतु के प्रति दया का भाव दिया हे। मानव सभ्यता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचना है तो अध्यात्म के साथ चलना होगा। यह बात भारत गौरव प.पू. साधना महोदधि *अंतर्मना आचार्यश्री 108 प्रसन्नसागर जी महाराज के सानिध्य में श्री तरूणसागरम् पारसनाथ अतिशय तीर्थ धाम मुरादनगर मे चल रहे पंचदिवसीय भगवान महोत्सव के अवसर पर 100 दिन में तैयार गुफा मंदिर का लोकार्पण करने पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने उपस्थित गुरुभक्तों से कही
उन्होंने कहा कि मुझे खुशी हे कि हमारी सरकार ने उत्तर प्रदेश कुशी नगर के पावागढ़ उस ’फाजिल’ नगर का नाम ’पावानगरी’ के रूप में उसके नाम करण की कार्यवाही को आगे बढ़ाया है। ,*
जैन मुनियो की परम्परा पवित्रता को बढ़ाने का कार्यों कर रही हैं*:–
नवकार दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश के नो सूत्र दिए थे। जैन मुनि की जैन मुनि की परम्परा उसी पवित्रता के कार्यों को आगे बढ़ा रही है
557 दिनों की कठोर साधना 496 दिन का निर्जल उपवास का अनुशासन आत्म संयम का एक अद्भुत उदाहरण देखने को मिलता है। कि अगर हम संकल्प कर ले तो जो हमें बाहर दिखाई दे रहा हे वह सब हमे अंदर दिखाई देने लगेगा। *जो मुझे प्रसन्न सागर जी साधना के माध्यम से देखने व अनुभव करने का अवसर मिला।
इस अवसर पर अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर गुरुदेव ने कहा कि बसंत आता है तो प्रकृति मुस्कुराती है औरसंत आता है तो संस्कृति मुस्कुराती है। ये मंच योगी का मंच है त्यागी का मंच है। जिंदगी में त्यागी बन के जीनाभारतीय संस्कृति का सिद्धान्त है क्योंकि भारतीय संस्कृति धन पतियों का नहीं धर्मात्माओं का सम्मान करती है, भारतीय संस्कृति रागी का नहीं त्यागी का सम्मान करती है, भारतीय संस्कृति सत्ताधीशों का नहीं 
संन्यासियों का सम्मान करती है। इवाकशु कुल महंत श्रवण योगी तिलक आदित्य नाथ योगी जी ने26 साल की उम्र में पूरा जीवन परिवार समाज के लिए नहीं बल्कि संपूर्ण राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया । इस सदी का पुण्य कहो की दोनों बड़े नेतामोदी जी और योगी जी एक पूरे विश्व में भारत को शिखर पे लाकर खड़ा कर दिया ओर दूसरे ने पूरे उत्तर प्रदेश के थोबड़े को चेंज कर दिया। *आज भारत में *राम की मर्यादा कृष्ण का प्रेम और महावीर की अहिंसा उद्देश्य सफल होता दिखाई दे रहा हे।


*लौंग की माला से सम्मान किया व कमंडल भेंट कर दिया आशीर्वाद*:–
प्रवक्ता रोमिल जैन ने बताया कि आयोजन से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर जी व उपाध्याय मुनि पीयूष सागर जी गुरुदेव सहित ससंघ के दर्शन कर के आशीष ग्रहण किया। तत्पश्चात 100 दिनों में बने भव्य गुफा मंदिर का लोकार्पण किया जहां उन्होंने भगवान पारस नाथ स्वामी के दर्शन किए जिसके बाद समाधिस्थ क्रांतिकारी राष्ट्र संत तरुण सागर जी महाराज की स्मृतियों के दर्शन किए।
इस अवसर गुरुदेव द्वारा श्री योगी का अखंड लौंग की माला से सम्मान कर कमंडल भेंट किया। मुख्यमंत्री योगी ने गुरुदेव द्वारा लिखित अंतर्मना उवाच व मेरी विटिया पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार मंत्री मंडल के सुनील शर्मा, नरेश कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, विधायक नंद किशोर गुर्जर, अमित पालज, पूर्व सांसद रमेश चन्द तोमर, भाजपा महा नगर अध्यक्ष मयंक गोयल सही बड़ी संख्यां गुरुभक्त परिवार मौजूद था। संचालन ब्रह्मचारी तरुण भैया व आभार अध्यक्ष तरुण क्रांति मंच सुनील जैन ने माना।
नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद रोमिल पाटणी सोनकच्छ से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312






