देश की आजादी के लिए सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का योगदान रहा भाषा कोई भी हो सकती है सुधासागर महाराज
अशोकनगर
भाषा कोई भी हो सकती है उद्देश्य एक होना चाहिए और सब को समझ में आना चाहिए । कभी सुभाष चंद्र बोस की तो कभी महात्मा गांधी की भाषा को प्रधानता दी गई। योगदान तो सभी का रहा ऐसे ही अखिल भारतीय विद्वत परिषद को भी सभी की भाषाओ की जरूरत पड़ती रहती है विद्वत परिषद का प्रत्येक सदस्य ये संकल्प लें कि जितने शास्त्र है उन सभी को मैं एक बार तो पडूंगा चाहें समझ में आये या ना आये। आप विद्धान की कोटी में आ रहें हैं तो आप सभी शास्त्रों को पढ़ने का संकल्प लें ,यदि आप संकल्प के साथ आगे बढ़ते हैं तो सफलता भी मिलेगी और आपका सम्मान भी बढ़ेगा ।
उक्त आशय के उदगार सुभाषगंज जैन मंदिर प्रांगण में अखिल भारतीय विद्वत परिषद के राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए राष्ट्र संत श्रमण शिरोमणि मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए।
मात्र संकल्प लेने से ही क्षमताओं में वृद्धि होती चली जाती है
उन्होंने कहा कि मात्र संकल्प लेने से ही क्षमताओं में विकास होता चला जाता है आज सबसे ज्यादा विकृत हो रही है विवाह पद्धति। पहले गरीब से गरीब के घर के दरवाजे पर ही बारात लगती थी चाहे उन्हें टूटी झोपड़ी में ही क्यों ना जाना पड़े। आज तो भगवान ही मालिक है कहाँ बारात चढ़ रही हैं। बेटी वाले का एक सम्मान होता था और समाज के पंच पहुंच कर सब कुछ अपने सामने करवाते थे।
विकृतियों से बचने के लिए ही तो चक्रवर्ती विवाह की प्रेरणा दी है
चक्रवर्ती विवाह में सबसे पहले मन्दिर में जाकर भगवान के सामने वरपक्ष अभिषेक करें और दुल्हा अपनी मंगेतर को गंधोदक प्रदान कर हवन के साथ वर-वधू सात फेरे अग्नि की साक्षी पूर्वक लें फिर देखो परिणाम अपने आप अच्छा आयेगा शास्त्रों में आचार्यो ने लिखा है तो सच होगा कहना भर है एक को भी समझ में आ गया तो शुरूआत तो होगी ।


इस दौरान विद्वत परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के विभाग अध्यक्ष अशोक लाडनूं ने कहा कि समाजिक सुधार के लिए हमें समाज को सामाजिक मर्यादाओं व बन्धनों की ओर ध्यान दिलाना होगा हमें विवाह पद्धति की ओर ध्यान देना होगा आज जिस तरह से समाज में विवाह होटलों रिसोर्ट में हो रहे हैं चाहे वो महिला संगीत हो या अन्य आयोजन सभी में मर्यादाओं को तार-तार किया जा रहा है।
राष्ट्रीय विद्वत संगोष्ठी के सभी आलेखों का श्री दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी अशोक नगर द्वारा ग्रन्थ के रूप में प्रकाशित किया जाएगा इस हेतु सभी लेखों को संगोष्ठी संयोजक डॉ सुरेन्द्र भारती ने जैन समाज ने पंचायत कमेटी को सौंपा गया कमेटी द्वारा परम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्रीसुधासागर जी महाराज को आलेख भेंट किए गए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312



