मुनिश्री एकत्व सागर महाराज की समाधी

पारसनाथ
अपनी कलम की लेखनी से धर्म की प्रभावना की यह वो व्यक्तित्व थे जो जानी मानी पत्रिका जैन गजट पूर्व प्रधान संपादक रहे जिन्हे सांसरिक जीवन मे भरत काला के नाम से जाना कलम की दुनिया मे एक उच्चतम नाम था धर्म की प्रभावना को जन जन तक फैलाया आगे चलकर यही उनके जीवन को धन्य कर गया और पुण्यसागर महाराज से मुनि दीक्षा को लेकर मुनि श्री 108 एकत्व सागर बने विगत कुछ दिन पूर्व ही उन्होने पुण्यसागर जी महाराज से सलेखना व्रत लेकर समस्त प्रकार के आहार त्याग किया था वही पावन तीर्थ धरा सम्मेदशिखर तीर्थ पर समाधि मे लीन हो गए कितना उन्होने अपने जीवन मे पुण्य को संचित किया होगा जो पावन तीर्थ पर उनकी समाधि हुयी उन्हे सबोधन हेतु प्रमाण सागर महाराज भी पधारे थे
महान साधक को कोटिश नमन
अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
