डिलीट जितनी तेजी से होता है, इतनी तेजी से डाउनलोड नही होता सृजन में समय लगता है विसर्जन में नहीं प्रसन्न सागर महाराज

धर्म

डिलीट जितनी तेजी से होता है, इतनी तेजी से डाउनलोड नही होता सृजन में समय लगता है विसर्जन में नहीं प्रसन्न सागर महाराज

दिल्ली
अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज एवं उपाध्याय पियूष सागरजी महाराज ससंघ तरुणसागरम तीर्थ पर वर्षायोग हेतु विराजमान हैं उनके सानिध्य में वहां विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हो रहें हैं उसी श्रुंखला में उपस्थित गुरु भक्तों को अपने मौन संदेश में संबोधित करते हुए कहा कि
Delete जितनी तेजी से होता है, उतनी तेजी से Download नहीं होता। क्योंकि बनने में वक्त लगता है, मिटने में नहीं। सर्जन में समय लगता है, विसर्जन में नहीं। फिर वो – चाहे Application हो या रिश्ते।

 

 

उन्होंने कहा इसलिए स्वयं से परेशान होकर – झगड़ा ना करे।जोश जोश में – स्वयं का नुकसान ना करे। दूसरों पर दोषारोपण करने से – नकारात्मकता ही फैलेगी।अनावश्यक कार्यों से – अपने आप को दूर रखो। उन्होंने कहा झुककर या हाथ जोड़कर ही – आप बेहतर इंसान बन सकते हैं। एक बात मेरी याद रखना – बटर लगाने वाले के हाथ में, चाकू होता है।

सहयोग मांगने जाओ तो – सुना देते हैं लोग।बात पता चल जाए तो – मजा लेते हैं लोग। बताना नहीं अपने जख्म – किसी पड़ोसी को ए दोस्त। अक्सर मौके का फायदा – उठा लेते हैं लोग।

 

 

आचार्य श्री ने कहा ये सब समय चक्र है, जो हमें घुमा रहा है जैसे – आदमी भजिया, बड़ा, समोसा, कचोड़ी खाकर बीमार पड़ता है। फिर अस्पताल के पलंग पर बैठा-बैठा संतरा, मौसमी, सेव खाता है। और फिर उससे मिलने वाले, उसके सगे सम्बन्धी, अस्पताल में उसके लिए संतरा, मौसमी, सेव लाते हैं। फिर वो ठीक होकर, अस्पताल के बाहर खड़ा होकर भजिया, समोसा, बड़ा, कचोड़ी खाने लगता है, यही तो जीवन चक्र है।आदमी पैसा कमाने के लिए दिन रात मेहनत करता है, शरीर बिगाड़ता है.।

 

 

 

 

 

लेकिन जब शरीर बिगड़ जाता है, तो शरीर को ठीक करने के लिए फिर पैसा बिगाड़ता है। ना समझने की बात…!!!
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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