किटी पार्टी संस्कृति समाज के पतन का कारण बन सकती है – मुनि श्री दुर्लभ सागर जी महाराज

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किटी पार्टी संस्कृति समाज के पतन का कारण बन सकती है – मुनि श्री दुर्लभ सागर जी महाराज

 आरोन। सार्वजनिक स्थानों पर जाकर समाज की बहिन बेटियां एवं बहुएं इस तरह के आचरण एवं व्यवहार का प्रदर्शन न करें जो घर परिवार एवं समाज को पतन की ओर ले जाते हों। हम अपने आराध्य स्थानों मंदिर आदि तक में बिना सिर को ढंके आ रहे हैं। यहां तक की बहिन बहु बेटियां तक अपने सिर को ढंकने की बजाय अनावश्यक प्रदर्शन पर ध्यान दे रही हैं। उन्हें सोचना होगा कि उनका आचरण सबको क्या सीख दे रहा है।

 

 

     

दक्षिण भारत में जाकर देखोगे तो तुम्हे वहां की यह संस्कृति दिखाई देगी कि दक्षिण भारत में महिलाएं तो क्या पुरुष भी अपने सिर को टोपी से ढंककर धार्मिक स्थानों पर आते हैं। क्योंकि सिर को बिना ढंके दक्षिण भारत के मंदिरों में आना उचित नहीं माना जाता है। इसीलिए वहां के धर्म स्थानों पर सिर को ढंकने की आचार संहिता का पालन किया जाता है।

     

ध्यान रखना जो बहिन,बहु,बेटियां अपने सिर को नहीं ढंकती हैं उनके घर में समृद्धि कभी भी नहीं आएगी। जो समृद्धि है वह भी चली जाएगी और उनको विघ्न बाधाओं का भी सामना करना पड़ेगा एवं गरीबी का भी सामना करना पड़ेगा।

      

 

चातुर्मास कमेटी के प्रचार मंत्री सुनील झंडा ने जानकारी देते हुए बताया कि उक्ताशय के सारगर्भित धार्मिक सदुपदेश स्थानीय श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित एक धर्मसभा में मुनि श्री दुर्लभ सागर जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए दिए। मुनि श्री ने अपनी बात को विस्तार देते हुए कहा कि समाज में बढ़ती हुई किटी पार्टी संस्कृति हमारे समाज में अपसंस्कृति को बढ़ावा दे रही है। यदि इस किटी पार्टी की अपसंस्कृति को नहीं रोका गया तो आने वाली पीढ़ियों को आप क्या संस्कार देकर जा रहे हो जरूर सोचना।

   

मुनि श्री ने कहा कि किटी पार्टी संस्कृति के माध्यम से हम समाज को किस ओर ले जा रहे हैं और अगली पीढ़ी को हम क्या संस्कार दे रहे हैं हमें यह जरूर सोचना होगा इस तरह की संस्कृति से हमारे संस्कार हमारी परंपराएं और हमारे विचारों का क्या होगा यह हमें सोचना होगा।

मुनिश्री ने कहा कि मैं पार्टी मनाने अथवा आनंद उत्सव को मनाने का मना नहीं कर रहा हूं। लेकिन प्रभु और गुरु के समक्ष जाएंअथवा आसपास के तीर्थ क्षेत्र पर जाकर और सात्विकता एवं सादगी पूर्वक आयोजन करें लेकिन फूहड़ता से दूर रहें। समाज में अपसंस्कृति को बढ़ावा कदापि न दें। यह अपसंस्कृति हमारे समाज के पतन का बड़ा कारण बन सकती है। कभी सोचा है कि आपके इस प्रकार के आचरण से बच्चे क्या सीखेंगे। मुनि श्री दुर्लभ सागर जी महाराज द्वारा दिए गए सदुपदेश के बाद किटी पार्टी संस्कृति के विरोध में आरोन जैन समाज में एक नव जागृति एवं नव चेतना दिखाई दे रही है।

 

   *सुनील जैन झंडा आरोन से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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