स्मृति का झरोखा करुणा के सागर…प्रज्ञा सागर.
. बात उस समय की जब आज से कुछ वर्षों पूर्व अहिंसा पदयात्रा के नाम से तपोभूमि प्रणेता का मंगल विहार सूरत मुम्बई हाइवे पर चल रहा था।.. सुबह की बेला थी, हाइवे पर एक कुत्ता जिसे एक ट्रक टक्कर मार के गया था..जैसे ही नज़र गयी की उसकी साँसे चल रही है तो बिना देर किये मुनिश्री प्रज्ञा सागर जी महाराज ने णमोकार मन्त्र उस मरणासन्न की अवस्था में पड़े कुत्ते को सुनाया और कमण्डल का पानी पिलाया। तब एक चमत्कार हुआ, देखते ही देखते उसने हलचल मचानी शुरू कर दी.. तब .गुरुदेव ने कहा इसे गाड़ी में रख लो और जब तक प्राण है जियेगा। पर पता चला 8 km पर एक महावीर स्वामी पशु अस्पताल है तो गुरुदेव ने तुरंत ले जाने कहा.। बहुत सुंदर कहावत है,जाको राखे सांइयाँ मार सके ना कोई। और तुरंत उपचार मिलते ही डॉक्टर ने कहा सही समय पर ले आये,…दो दिन में यह बहुत कुछ स्वस्थ हो जायेगा..और डॉक्टर ने कहा धन्य है महाराज साब जिन्होंने सही समय पर भेज कर एक मूक प्राणी के प्राणों को बचाया.. जय हो गुरुदेव…करुणा के सागर प्रज्ञासागर
संकलित अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
