जो सरलता से मिलता है वो सहजता से चला भी जाता है और जो मेहनत से मिलता है वो ठहर जाता है प्रसन्न सागर महाराज 

धर्म

जो सरलता से मिलता है वो सहजता से चला भी जाता है और जो मेहनत से मिलता है वो ठहर जाता है प्रसन्न सागर महाराज 

      तरुणसागराम तीर्थ 

अन्तर्मना आचार्य श्री 108प्रसन्न सागरजी महाराज एवं उपाध्याय105 पियूष सागरजी महाराज ससंघ तरुणसागरम तीर्थ पर वर्षायोग हेतु विराजमान हैं उनके सानिध्य में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हो रहें हैं उसी श्रुंखला में उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने कहा कि 

जो सरलता से मिलता है वो सहजता से चला भी जाता है.. और जो मेहनत से मिलता है वो ठहर जाता है..!

 

 

 

 

एक उदाहरण के माध्यम से कहा जैसे गोबर, बिन मेहनत का प्रसाद है जो आसानी से मिल जाता है, और कलाकन्द बनाने, खाने और पचाने के लिये खून पसीना एक करना पड़ता है। तब कहीं कलाकन्द बनता है, फिर खाने को मिलता है और बड़ी मुश्किल से पचता है।

जन्म लेने वाले प्रत्येक प्राणी को संघर्ष का सामना करना पड़ता है। ऐसा कोई जीव या प्राणी नहीं जिसने जन्म लेने के बाद संघर्ष ना किया हो और सफलताओं के शिखर को छुआ हो। संघर्ष और जीवन दोनों एक सिक्के के दो पहलू हैं। जीवन है तो संघर्ष तो होगा ही होगा। लेकिन कुछ लोग जीवन में समस्या या विपत्ति आने पर समाधान तो नहीं खोजते, लेकिन दोषारोपण लगाना शुरू कर देते हैं। यह दोषारोपण या तो व्यक्ति विशेष पर करते हैं या अपनी किस्मत को कोसते हैं।

 

 

 

 

जो व्यक्ति जीवन में आने वाली चुनौतियों से संघर्ष करता है, वह चुनौतियों को समाप्त करने के साथ साथ, अपने जीवन को अर्थ पूर्ण मार्ग की ओर भी ले जा रहे हैं।

 

 

 

     आचार्य श्री ने कहा हमारा जीवन एक कहानी की तरह है। कहानी अर्थ पूर्ण हो, इस उद्देश्य से व्यक्ति को अपने लक्ष्य की दिशा में, अनेक विघ्न बाधाओं को दरकिनार करते हुए आगे बढ़ते रहना चाहिए।क्योंकि संघर्ष हमारी छुपी हुई असीम क्षमताओं को जगाने का एक महत्वपूर्ण जरिया है। बिना संघर्ष का जीवन ऐसा ही जैसे गोबर का मिलना। जीवन में बाहरी चुनौतियों के साथ साथ हमें अपने अवगुण, व्यसन रूपी अन्दरूनी चुनौतियां, से भी संघर्ष करना चाहिए। जैसे एक बून्द नींबू हजार टन दूध को फाड़ देती है, वैसे ही एक बुराई हमारे जीवन को दीमक की तरह खोखला कर देती है। इसलिए संघर्ष मयी जिन्दगी से मुंह मोड़ने की अपेक्षा संघर्ष को सहर्ष पूर्वक करते हुये अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते रहना चाहिए…!!!                      

 

 

 नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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