दुनिया में शान्ति के लिए भगवान महावीर के सिद्धांत जरुरी-आचार्य सुनील सागर–

धर्म

दुनिया में शान्ति के लिए भगवान महावीर के सिद्धांत जरुरी-आचार्य सुनील सागर–
रविवार को होगा भगवान महावीर 2550 वां निर्वाणोत्सव अहिंसा रथ प्रवर्तन -राज्यपाल कलराज मिश्र भट्टारक जी की नसियां से करेंगे रवाना-भगवान महावीर के जीओ और जीने दो अहिंसा शाकाहार, विश्व शांति एवं अन्यसिद्धांतों को जन जन तक पहुंचाएगा
जयपुर
– – वर्ष 2023 में भगवान महावीर का 2550 वां निर्वाणोत्सव पूरे विश्व में विशाल स्तर पर मनाया जाएगा।इस मौके पर पूरे वर्ष विश्वभर में आयोजन होंगे।इसी कड़ी में भगवान महावीर के सिद्धांतों को जन जन तक प्रसारित करने हेतु जयपुर के भट्टारक जी की नसियां से एक रथ देश में भ्रमण के लिए रवाना होगा। राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र आचार्य सुनील सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में भगवान महावीर 2550 वहां निर्वाणोत्सव अहिंसा रथ प्रवर्तन समारोह का आयोजन रविवार,30 अक्टूबर को भट्टारक जी की नसियां में होगा।

 

 

 

यह जानकारी शनिवार को भट्टारक जी की नसियां में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए श्री भगवान महावीर 2550 वां निर्वाण महोत्सव समिति के अध्यक्ष डॉ मणीन्द्र जैन ने दी। संवाददाताओं को श्वेताम्बर जैन आचार्य लोकेश मुनि, भारतीय विदेश नीति परिषद एवं भारतीय भाषा सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ वेद प्रकाश वैदिक, मौलाना आजाद नेशनल ऊर्दू विश्वविद्यालय हैदराबाद के पूर्व कुलपति फिरोज बख्त अहमद, जैन इंटर नेशनल आर्गनाइजेशन के अध्यक्ष घेवर चन्द बोहरा, राजस्थान जैन युवा महासभा जयपुर के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन’कोटखावदा’, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा कोन्सिल के सदस्य डॉ निर्मल जैन एवं भगवान महावीर 2550वां निर्वाण महोत्सव समिति के मुख्य संयोजक अजित कासलीवाल ने सम्बोधित किया।
राजस्थान जैन युवा महासभा जयपुर के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन ‘कोटखावदा’ ने बताया कि रविवार को प्रातः 10.30 बजे से आयोजित रथ प्रवर्तन शुभारंभ समारोह के मौके पर सभी धर्मों के धर्म गुरु व गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे।

 

डॉ मणीन्द्र जैन ने बताया कि यह रथ देश के प्रमुख शहरों, कस्बों एवं गांवों में लगभग 70हजार किलोमीटर की अपनी आध्यात्मिक यात्रा पूर्ण करेगा, जिससे भगवान महावीर को “जन जन के महावीर”बनानें में मील का पत्थर साबित होगा।
इस रथ के राष्ट्र भ्रमण के द्वारा 10करोड जैनेतर समाज में तीर्थकरों द्वारा उपदेशित जैन धर्म की जन जन का जीवन सुखमय बनाने के लिए प्रमुख बातें तथा जैन समाज के द्वारा देश और सर्व समाज के लिए किए जा रहे कार्यों के प्रति जागरूकता पैदा कर अहिंसा, शाकाहार, पर्यावरण तथा भगवान महावीर के प्रमुख सिद्धांत “जीओ और जीने दो” का प्रचार प्रसार देश भ्रमण के दौरान किया जाएगा।
संवाददाताओं को संबोधित करते हुए आचार्य सुनील सागर महाराज ने कहा कि धर्म तोड़ता नहीं अपितु आपस में जोड़ता है। भगवान महावीर अहिंसा, शांति, सहिष्णुता के अग्रदूत थे।आज भगवान महावीर के सिद्धांतों की पूरी दुनिया को आवश्यकता है। यदि सारी दुनिया भगवान महावीर के सिद्धांतों पर चले व पूरी तरह से अपना लेवे तो दुनिया की हिंसा, युद्ध सहित सारी समस्याएं समाप्त हो जाएगी।
व्यसन एवं बुराईयां दूर हो जावे तो मानव का जीवन सुखमय हो जाएगा तथा सुधर जाएगा। प्राकृत भाषा देश की सबसे प्राचीन भाषा है।इसे देशवासियों को अपनाना चाहिए। आचार्य श्री ने अहिंसा रथ प्रवर्तन शुभारंभ के लिए आशीर्वाद दिया।
रविवार को होने वाले रथ प्रवर्तन शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल कलराज मिश्र होंगे। अध्यक्षता श्री दिगम्बर जैन महासमिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मणीन्द्र जैन करेंगे।इस मौके पर दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीरजी के अध्यक्ष एडवोकेट सुधांशु कासलीवाल,मानद् मंत्री महेन्द्र कुमार पाटनी,शीला डोड्या, राजस्थान जैन युवा महासभा जयपुर के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा,कमल पाटनी, आचार्य लोकेश मुनि, आचार्य शैलेष, साहित्यकार वेद प्रकाश वैदिक, फिरोज बख्त अहमद, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के चैयरमेन इकबाल सिंह लालपुरा सहित सभी धर्मों के धर्म गुरु, बड़ी संख्या में विद्वान,लेखक,विचारक उपस्थित रहेंगे।

संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी

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