परम पूज्य भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी के सानिध्य में नगर फोर्ट में वेदी प्रतिष्ठा का कार्यक्रम हुआ हर्षोल्लास से सम्पन्न* *हमें किसी भी प्रकार के विघ्नों से बचना है तो किसी के भी कार्य में न तो बाधक बने और न बाधा पहुंचाने के भाव रखें, हमें सबके के प्रति अच्छे भाव रखने चाहिए आर्यिका विज्ञा श्री*

धर्म

*परम पूज्य भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी के सानिध्य में नगर फोर्ट में वेदी प्रतिष्ठा का कार्यक्रम हुआ हर्षोल्लास से सम्पन्न*

*हमें किसी भी प्रकार के विघ्नों से बचना है तो किसी के भी कार्य में न तो बाधक बने और न बाधा पहुंचाने के भाव रखें, हमें सबके के प्रति अच्छे भाव रखने चाहिए आर्यिका विज्ञा श्री*

 

जयपुर/

आर्यिका रत्न 105 विज्ञा श्री माताजी के पावन सानिध्य में नगर फोर्ट में तीन दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा महामहोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ हर्षोल्लास से सम्पन्न हुआ।जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि आर्यिका संघ का आज 17-4-22 शाम 5:00 बजे से श्री आदिनाथ सांवला जी महाराज दिगम्बर जैन मंदिर नगर फोर्ट से नैनवा की ओर भव्य मंगल विहार हुआ, कार्यक्रम में संघ का आज सूंथली ग्राम में विश्राम होने के बाद 18.4.2022 प्रातः 7.50 बजे नेनवां में चंन्द्रप्रभु नसिया भव्य मंगल प्रवेश होगा, पूज्य भारत गौरव प्रवचन प्रवाहिका गणिनी आर्यिका गुरु मां 105 विज्ञाश्री माताजी ने अपने मंगलमय प्रवचन में श्रद्धालुओं को कहा है की हमारे बंधन का एक मात्र कारण हमारा राग द्वेष है जैसे मोहनीय कर्म सब कर्मो में प्रबल कर्म है वैसे ही अन्तराय कर्म छिपा हुआ, अचानक उदय में आकर कार्य में विध्न पैदा करने वाला कर्म है इसके आस्रव बंध का कारण है की पूर्व में हमने किसी के कार्य के सम्पन्न होने में बाधा डाली होगी या वैसा भाव किया होगा ,उसी के परिणामस्वरूप वह आज हमे कार्य सम्पन्न होने में बाधा उत्पन्न कर रहा है अतः: यदि आगे हमे इस प्रकार के विध्नों से बचना है तो हम किसी के भी कार्य में न तो बाधक बनें और न बाधा पहुंचाने के भाव रखें । हमको सबके प्रति अच्छे भाव रखने चाहिए।

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