प.पू.भारत गौरव गणिनी आर्यिका रत्न 105 विज्ञा श्री माताजी के पावन सानिध्य में नगर फोर्ट में हुआ भव्य वेदी प्रतिष्ठा महामहोत्सव का आगाज*

धर्म

*प.पू.भारत गौरव गणिनी आर्यिका रत्न 105 विज्ञा श्री माताजी के पावन सानिध्य में नगर फोर्ट में हुआ भव्य वेदी प्रतिष्ठा महामहोत्सव का आगाज*

जयपुर/

प.पू. भारत गौरव गणिनी आर्यिका विज्ञा श्री माताजी के पावन सानिध्य में टोंक जिले के नगर फोर्ट में वेदी प्रतिष्ठा का भव्य शुभारंभ हुआ जैन समाज के मिडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि गणिनी गुरु मां विज्ञाश्री माता जी ससंघ के पावन सानिध्य में नगरफोर्ट में भव्य वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव की शुरुआत हुई जिसमें प्रातः जिनाभिषेक, शांतिधारा के बाद अष्टद्रव्यों से पूजा हुई इस दौरान कार्यक्रम स्थल से मंदिर तक सोभाग्यवति महिलाओं के द्वारा भव्य घटयात्रा निकाली गई । इस महोत्सव का आनंद लेने अनेकानेक गांवों से लोग पधारे, कार्यक्रम में गुरु माँ ने अपने मंगल प्रवचन में श्रद्धालुओं को कहा कि जैनों के कारण हिंसा नहीं अहिंसा के कारण जैन धर्म श्रेष्ठतम है तो अहिंसा ने जैन बनाए ,जैनों ने अहिंसा नही अहिंसा तो सिद्धांत है । सिद्धांत का अर्थ सिद्ध करके जिसका अंत किया जाए वह है सिद्ध धर्म, शाश्वत धर्म ,सिद्ध धर्म ही सिद्धि दे सकता है । अहिंसा वकील का कोर्ट नहीं जो अदालत में जाओ तो पहन लेना और घर आओ तो उतार लेना अहिंसा तो इस शरीर की आत्मा है प्राण है अहिंसा निकल गई तो प्राण निकल गए अहिंसा आ गई तो जान आ गई । सामना करने में सिर्फ अहिंसा ही समर्थ हैं, हिंसा अनास्था,,अविवेक ओर असहिष्णुता की परिणीति है । जबकि अहिंसा का मूल मंत्र आस्था, विवेक और क्षमता से उत्पन्न होता है।


मांसाहार और नशे की लत जिस गति से बढ़ रही हैं । वह मानव जाति के विनाश का प्रतीक है । आज महावीर और उनकी अहिंसा जीवन का पर्याय बन गई हैं । अहिंसा प्राण है । देश और समाज को जिंदा रहना है तो, अहिंसा को मन का सिंहासन देना होगा । इसके पश्चात वेद प्रक्षालन विधि ,वास्तु विधान पूजन व यागमण्डल पूजन, विधान एवं गुरु पूजन कार्यक्रम हुए । विधान के लिए सौधर्म इंद्र रमेश चंद सोनी, यज्ञनायक इन्द्र अशोक काला, कुबेर इंद्र हर्ष कुमार सोनी एंव ईशान इंद्र प्रदीप सोनी बने ।
माताजी ने आगे कहा इस माहौल में आज हमें भगवती अहिंसा की प्राण प्रतिष्ठा करनी होगी ,लेकिन यह प्रतिष्ठा कब होगी जब अहिंसा के प्रति हमारी गहरी श्रद्धा होगी।
कार्यक्रम में 16अप्रैल 2022 को नवीन वेदियों में 45 जिन प्रतिमाएं हर्षोल्लास से विराजमान होंगी।

*राजाबाबू गोधा जैन महासभा मीडिया प्रवक्ता राजस्थान*

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