रावतभाटा की पीडीता निर्मला मांभी ने कहा जन्माष्टमी पर भगवान श्री कृष्ण ने भेजा अपना दूत:
रावतभाटा के समाजसेवीयो ने कहा स्वतंत्रता दिवस पर ओमप्रकाश और निर्मला को मकान गिरवी से मुक्त कर गए युवादल सचिव राजकुमार पारख
रावतभाटा के इकराम मोहल्ले में रहने वाले ओमप्रकाश की एक किडनी खराब होने से निकाली जा चुकी है। पत्नी निर्मला लोगों के घरों में काम करके घर का गुजर बसर कर रही हे। इस दंपति के एक लड़की आकांशा है इसका भविष्य बनाने के लिए मां बाप ने इसे कोटा के सर्वोदय पेरामेडिकल इन्सटीटट्यट में नर्सिंग का प्रशिक्षण दिलवाने का निर्णय लिया- इस संस्थान की एक वर्ष की फीस 86 हजार रुपये साल है। इतनी राशि का इंतजाम नहीं हो सकने के कारण ओमप्रकाश और निर्मला जिस मकान में वह रहे थे उसे किसी को 50 हजार रुपए में 3 प्रतिशत ब्याज दर पर गिरवी रख दिया- और 16 हजारों रूपये किसी परिचित से 2 प्रतिशत ब्याज पर उधार लेकर अपनी बेटी की फीस में 66 हजार रूपये जमा करवा दिये ओर लड़की को कोटा भेज दिया-फीस के बकाया 20 हजार और उधार के 16 हजार की चिंता ने उन्हें डरा दिया- यह प्रकरण रावतभाटा के समाजसेवी गोविंद गुप्ता को पता चला तो उन्होंने रामगंजमंडी युवादल सचिव राजकुमार पारख के मदद के कई मामले अखबारों में पढ़ रखे थे उनसे संपर्क किया- युवादल सचिव आदिनाथ जैन श्वेतांबर श्रीसंघ ट्रस्ट के अध्यक्ष 13 अगस्त को रावतभाटा स्वयं की कार लेकर गए और पीडीत परिवार की 26 हजार रुपए की मदद की और दस हजार रूपये रावतभाटा से लोगों ने एकत्रित करके दिये- यह खबर कई अखबारों और सोशल मीडिया पर खूब चली-
:-15 अगस्त की रात्रि को राजकुमार पारख रात को युवा दल चौराहे पर बैठे थे – उनके पास रामगंजमंडी के एक सज्जन आये और कहा कि रावतभाटा के ओमप्रकाश और निर्मला के गिरवी मकान को भी आप छुडवाये नहीं तो यह गरीब परिवार इतना महंगा ब्याज नहीं दे पायेगा और मकान से हाथ धो बैठेगा-इन सज्जन ने राजकुमार पारख को 20 हजार रूपये दिये और अपना नाम गुप्त रखने को कहा 16 अगस्त की सुबह एक सज्जन ने पारख से कहा कि 5 हजार रूपये में भी गुप्त दान में दूंगा। फिर देखते ही देखते 25 हजार रूपये युवादल में एकत्रित हो गये-दोपहर में राजकुमार पारख कार लेकर उस परिवार के पास गोविंद गुप्ता को लेकर गए- और 50 हजार की राशि सौंपी- और गिरवी वाले से मकान के कागजात व स्टांप मंगवा कर निर्मला को सोप दिये-

:-मकान के कागजात मिलते ही निर्मला फूट-फूट कर रो पड़ी और कहा कि आज जन्माष्टमी का दिन है भगवान श्री कृष्ण ने राजकुमार पारख जेसे दयावान दूत को भेजकर मेरे परिवार की बहुत बड़ी मदद की-वही आस पास के लोगों ने कहा कि इस स्वार्थी संसार में कोई अपने रिश्तेदार या मिलने वाले की मदद नहीं करता पर राजकुमार पारख ने बिना जान पहचान वाले इस गरीब परिवार की 76 हजार रुपए की मदद करके मानवता और इंसानियत की मिसाल कायम की है।

:- रावतभाटा के समाजसेवी गोविंद गुप्ता जो मोक्षरथ संभालने का एवम अस्पताल में मरीजों को दोनो समय खाना खिलाने वाली समिति के सदस्य हैं- उन्होंने कहा कि मेरी छोटे से आग्रह पर तीन दिन में इतनी बड़ी मदद करके राजकुमार पारख ने यह सिद्ध कर दिया कि हाड़ौती में इनसे बड़ा गरीब का कोई हमदर्द नहीं है।
:- समाजसेवी राजकुमार पारख ने कहा कि 13अगस्त को 26 हजार की राशि देते समय मैने इस परिवार को यह जरुर कहा था कि 50 हजार रूपए की राशि बड़ी है मैं कोशिश करके अगले महीने तक कोशिश करूंगा-लेकिन चेहरे से भोले और दिल से दिल फरियाद गुप्त सज्जन की बातों और सहयोग से स्वतंत्रता दिवस पर एक गरीब परिवार घर के गिरवी रखने से स्वतंत्र हो गया। निर्मलाबाई ने 13 जुलाई को मिली 36हजार की राशि में से 20 हजार की राशि बकाया फीस में जमा करवाकर रसीद दिखाई और 16 हजार की राशि जो ब्याज पर ली थी उसकी रसीद और स्टांप भी दिखाये-
:- युवा दल को खुद चलकर खुद चलकर लोग राशि देने को होते है आतुर: सन 1990 में बना युवादल शहर में हर रोज किसी ना किसी की मदद करता रहता है-और युवादल ही एकमात्र संस्था है जिसने आम जनता के लिए बिना सरकार की मदद के इतने कार्य किये कि उनकी गिनती तक करना आसान नहीं है। इसीलिए लोग युवादल सचिव राजकुमार पारख पर भरोसा करते हैं। 15 अगस्त को रमेश मेडिकल के रमेश लूथरा ने पारख को 5100 रुपये की राशि भेट की भीषण बारिश में जब लोगों की घर में पानी भर गया था और युवादल सचिव ने घर घर जाकर 4 दिनों तक खाने के पैकिट बांटे थे तब भी रमेश लूथरा ने 11हजार की राशि पारख को दी थी वही 15 अगस्त को राजूभाई गुप्ता पैरेडाईज वस्त्रालय ने भी पारख को 5100 रूपए की राशि सहयोग स्वरुप प्रदान की-सन 2022 में कनवास के उप जिला कलेक्टर और वर्तमान में लोकसभा स्पीकर के अतिरिक्त निजी सचिव राजेश डागा की पहल पर युवादल सचिव राजकुमार पारख ने अस्पताल संभाला था तब भी जनता ने दिल खोलकर युवादल को राशि दी थी-
पुरानी अस्पताल में कॉटेज वार्ड जनरल वार्ड एक्स-रे रूम लैबोरेट्री दंत रूम दांत की मशीन यहां तक कि सन 2001 में युवा icu तक बना चुका है यह सारी रकम बिना सरकार के युवादल ने जन सहयोग से एकत्रित की थी-
पुराने अस्पताल में सर्जन तक पोस्टेड थे जिन्होंने आज से 25 साल पहले हर्निया पाइल्स फिशर अपेंडिक्स तक के ऑपरेशन कर दिये- सरकारे 25 साल मे कही बार बदली पर कोई भी जनप्रतिनिधि उसके बाद सर्जन और ENT का डॉक्टर नहीं लगा पाया- रामगंजमंडी में उस वक्त पुराने अस्पताल में ENTके डॉक्टर भी वर्षों तक रहे-
राजकुमार पारख के साथ शनिवार को रावतभाटा जाने में भेरुलाल पारेता साथ में रहे-
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

