सरकार ने एस आई टी गठन की मांग मानी लेकिन हम इससे संतुष्ट नहीं, जब तक हमारी पांचों मांगें नहीं मानी जाती तब तक“संतों की सुरक्षा तक आंदोलन जारी रहेगा”*राष्ट्रीय संत मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज
पारसनाथ
संध्याकालीन शंकासमाधान कार्यक्रम के दौरान मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने कहा जिन्होंने ने रीवा में हुई इस अत्यंत दुःखद पूर्ण घटना से आहत और व्यथित होकर 25 मई सोमवार को इस आंदोलन को संपूर्ण देश को आव्हान किया था वह आज सफल रहा उपरोक्त जानकारी देते हुये गुणायतन मध्यभारत के राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया कि भारत के विभिन्न प्रदेशों में दिल्ली कोलकाता, मुवई बंगलोर, अहमदाबाद, कोटा,वाराणसी, तथा मध्यप्रदेश के भोपाल इंदोर जबलपुर, कटनी सतना विदिशा, गंजबासौदा, सागर,तथा संपूर्ण अंचल की तहसीलों में विशेष उत्साह तथा मौन जुलूस के साथ हाथों में तख्तियां लेकर नारी शक्ती एवं पुरुष वर्ग ने भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार को ज्ञापन प्रस्तुत किये। इस अवसर पर मुनि श्री ने कहा कि संपूर्ण भारत के विभिन्न प्रदेशों से जो समाचार प्राप्त हुये उससे में अभीभूत हुं जो कि इतने कम समय में आप सभी लोगों ने इतनी बड़ी संख्या के साथ अनुशासन के साथ आंदोलन को दिशा प्रदान की। मुनि श्री ने कहा कि अभी-अभी जानकारी प्राप्त हुई है कि सरकार ने इस प्रकरण की जाँच हेतु एसआईटी का गठन कर दिया है। यह एक सकारात्मक कदम है और सरकार के इस प्रयास का स्वागत किया जाना चाहिए।
यद्यपि यह कार्य पहले ही हो जाना चाहिए था, फिर भी देर से ही सही, सरकार ने गंभीरता दिखाई है — यह संतोष का विषय है।
किन्तु हमारा लक्ष्य केवल एसआईटी गठन तक सीमित नहीं है। आज समाज के विभिन्न प्रतिनिधियों ने जो माँगें और सुझाव रखे हैं, उनकी पूर्ण पूर्ति के लिए हमें सरकार को तैयार करना होगा। हमें विश्वास है कि सरकार इस विषय की गंभीरता को समझते हुए शीघ्र ही सार्थक निर्णय लेकर समाज के समक्ष परिणाम प्रस्तुत करेगी।
उन्होंने कहा कि समाज को तब तक शांत नहीं बैठना चाहिए जब तक हमारी सभी माँगें पूरी नहीं हो जातीं। केवल एसआईटी बन जाने से यदि हम संतुष्ट हो गए, तो वह परिणाम प्राप्त नहीं होगा जिसकी अपेक्षा समाज कर रहा है। हमारा उद्देश्य केवल एक घटना की जाँच नहीं, बल्कि पूरे देश में साधु-संतों की निर्भय और निर्विघ्न विहार व्यवस्था सुनिश्चित करना है, ताकि हर संत और प्रत्येक पद यात्री पूर्ण सुरक्षा और निश्चिंतता के साथ अपनी यात्रा को कर सके।
आज पूरे देश में इस घटना को लेकर व्यापक आक्रोश और जागरूकता देखने को मिली है। देश के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों में, जहाँ साधु-संत विराजमान हैं अथवा नहीं भी हैं, वहाँ समाज ने अपने-अपने स्तर पर मौन रैली एवं विरोध प्रदर्शन आयोजित कर समर्थन व्यक्त किया है। अल्प समय की सूचना में भी समाज ने जिस अनुशासन, एकता और सक्रियता के साथ यह कार्य सम्पन्न किया, वह अत्यंत सराहनीय है।अब हमें आगे की लड़ाई के लिए भी पूर्ण रूप से तैयार रहना होगा।



सरकार को सौंपे गए ज्ञापनों की प्रत्येक माँग को क्रियान्वित कराने हेतु समाज को सतत सजग, संगठित और सक्रिय बने रहना है। यह अभियान तब तक जारी रहना चाहिए जब तक हमें इसका पूर्ण और संतोषजनक परिणाम प्राप्त न हो जाए। उन्होंने सभी को पुनः बहुत-बहुत आशीर्वाद देते हुये कहा कि आप सभी लोग इसी प्रकार एक जुट होकर धर्म, संत सुरक्षा और न्याय की इस मुहिम में निरंतर लगे रहें।
गुणायतन मध्यभारत के राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया कि आपके यंहा की समस्त जानकारी मोवाईल नम्वर 7253904904 पर अपने स्थान के वी डी ओ तथा क्लिप्स भेजते रहें प्रमाणिक समूह एवं पारस चैनल के माध्यम से जिन स्थानों की सूचनाएँ और दृश्य प्राप्त हुए हैं, उन्हें प्रदर्शित किया गया है, और आगे भी देशभर से आने वाली गतिविधियों को समाज के समक्ष प्रस्तुत किया जाता रहेगा। हम सभी सभी सजग रहें, संगठित रहें और इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ाते इसी भावना के साथ मुनि श्री ने सभी को बहूत बहुत आशीर्वाद प्रदान करते हुये कहा कि अगले चरण के लिये सभी को तैयार रहना चाहिये।
(अविनाश जैन विद्यावाणी) से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
