मुनिश्री आदित्य सागर महाराज का मंगल विहार रानपुर से आरके पुरम कोटा के लिए हुआ हमेशा जागते रहो मुनि श्री आदित्य सागर महाराज
रानपुर
परम पूज्य आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर महाराज के परम शिष्य श्रुत संवेगी परम पूज्य मुनि श्री 108 आदित्य सागर महाराज का मंगल विहार रानपुर नगर से संध्या बेला में आरके पुरम कोटा के लिए हुआ।
इससे पूर्व शनिवार को पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में श्रीजी का अभिषेक किया गया एवं पूज्य महाराज श्री के श्रीमुख से शांतिधारा का उच्चारण किया गया। रानपुर से शुभम जैन से मिली जानकारी के अनुसार महाराज श्री ने अपने उद्बोधन में कहा की हमेशा जागते रहो, जीवन में इन सात चीजों को हमेशा सोते रहने दो शेर,









मधुमक्खी, सांप, कामुक व्यक्ति, मूर्ख व्यक्ति, राजा और पड़ोसी का कुत्ता उन्होंने कहा कि लेकिन एक बात का ध्यान रखें कि अपने अंदर की आत्मा को कभी सोने मत देना अपनी आत्मा को सदैव जागृत रखना यदि आत्मा जागृत रहेगी तो जीवन उन्नत बनेगा। पूज्य गुरुदेव ने सामयिक उपरांत आरके पुरम कोटा के लिए मंगल विहार किया एवं रात्रि विश्राम जैन जन उपयोगी भवन खड़े गणेश जी पर किया। रविवार की प्रातः बेला में महाराज श्री संघ का आरके पुरम दिगंबर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश होगा।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट
