संयम को धारण करने में बाधक बनती है तीव्र कषाय- अध्यात्म क्रांति श्रमण दुर्लभ सागर जी
आरोन*। चातुर्मास एवं वर्षा योग हेतु नगर में विराजमान जैन मुनि श्री दुर्लभ सागर जी महाराज द्वारा ली जा रही जैन धर्म पर आधारित ग्रंथों की कक्षाओं में शामिल होकर प्रतिदिन श्रावक जिनवाणी का श्रवण करने के साथ साथ इस ज्ञान को आत्मसात भी करने का प्रयास कर रहे हैं। गुरुवार को आयोजित धर्म सभा में मुनि श्री ने कहा कि क्या आपने कभी सोचा है कि आपके चाहते हुए भी आप अपने जीवन में प्रतिमाओं को धारण क्यों नहीं कर पा रहे हैं। मुनि व्रत को धारण क्यों नहीं कर पा रहे हैं। आप आर्यिका क्यों नही बन पा रहे हो। इसका प्रमुख कारण यह है कि आपने अपने पूर्व के भवों में खूब कषाय की है। इसीलिए इस पर्याय में चाहते हुए भी संयम को धारण करने का सामर्थ कर हो पा रहा है।
उन्होंने यह ध्यान रखो यदि अपने जीवन में चारित्र को धारण करना चाहते हो तो कषायों को जितना हो सके अपने जीवन से दूर करो अन्यथा जीवन में कभी भी चारित्र को धारण नहीं कर पाओगे। कषायों की तीव्रता के कारण चारित्र मोहिनी कर्म का बंध हो रहा है। और जिसके कारण से आप अपने जीवन में मुनि अथवा आर्यिका व्रत को धारण नहीं कर पा रहे हो। पूर्व के जन्मों में आपने तीव्र कषायों के साथ खूब क्रोध किया है। खूब मान भी किया है। खूब मायाचारी की है। खूब लोभ किया है। अब जब आज आपके इन व्रतों को पालन करने के भाव बन रहे हैं तो पूर्व भवों में आपके द्वारा किए गए बही क्रोध,मान,माया एवं लोभ आपको इन व्रतों का पालन करने में बाधक बन रहे हैं। इसलिए बंधुओं क्रोध मान माया और लोभ के साथ साथ कषाय करने से भी बचो अन्यथा तुम कभी भी अपने जीवन में चारित्र को धारण नहीं कर पाओगे।
गुरुवार को पूज्य मुनि श्री के मंगल सानिध्य में जिनेन्द्र भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। आज के विद्या गुरु उपासक बनने का सौभाग्य श्री सुरेशचंद जैन,सन्नी जैन नारद परिवार एवं राजेंद्र जैन मनीष जैन गुना बालों को प्राप्त हुआ।



आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की पूजन करने का सौभाग्य श्री संतोष जैन,दीपक जैन,शिक्षक आकाश जैन बांझल परिवार को प्राप्त हुआ। उक्त जानकारी चातुर्मास कमेटी के प्रचार मंत्री सुनील झंडा एवं मोनू भाईजी द्वारा दी गई।
*सुनील जैन झंडा आरोन से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

