हीरालाल माणकचंद बड़जात्या परिवार आगरा द्वारा सिद्धचक्र महामंडल विधान संपन्न होने के उपरांत विमल सागर महाराज जन्मस्थली की वंदना करवाई गई
आगरा
हम ऐसी पावन भूमि के बारे में जिक्र कर रहे हैं जहां इसी युग के महान आचार्य श्री 108 विमल सागर महाराज ने जन्म लिया।
इस पावन भूमि के दर्शन करना अपने आप में एक नई उर्जा प्रदान करता है यह सचमुच तप की भूमि हुआ करती है। इसी तारतम्य में श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर तार की गली मोती कटरा आगरा में अष्टानिका महापर्व पर सर्वांग भूषण आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज के सानिध्य में सिद्धचक्र महामंडल विधान संपन्न हुआ।

महामंडल की समाप्ति पर श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान महोत्सव समिति ने एक अनूठा कदम उठाया उन्होंने सिद्धचक्र महामंडल विधान में बैठे हुए व जिन्होंने इस महामंडल विधान में अपना तन, मन, धन समर्पित किया उन्हें श्री हीरालाल माणकचंद बड़जात्या परिवार के द्वारा पावन भूमि वात्सल्य रत्नाकर आचार्य श्री 108 विमल सागर महाराज की जन्मस्थली कोसमा की वंदना करवाई गई।


संतो की निर्वाण भूमि, जन्मभूमि की वंदना करना जीवन में सकारात्मकता का संचार करता है। और हमें नए आयाम 1 नई दिशा प्रदान करता है।

पूज्य आचार्य श्री विमल सागर महाराज स्व व पर कल्याण की ओर सदा सजग रहे। आज हमारे बीच नहीं हैं। लेकिन उनकी स्मृति उनके जीवन कृतित्व सदा बनी रहेगी। अगर हम इन स्थलों पर जाते हैं तो हमें लगता है की गुरुवर यही है। वही सभी ने तीर्थंकर नेमिनाथ भगवान की जन्मस्थली शोरीपुर बटेश्वर की भी वंदना की।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
