पंथों का मोह छोड, समस्त साधु समाज को एक होकर चलना होगा, संत समाज भाषा समिती का ध्यान रखे व किसी भी संघ या साधु का तिरस्कार न करें, राजनितिज्ञों की चाटुकारी से बचें- आर्यिका प्रज्ञमती माताजी! 

धर्म

पंथों का मोह छोड, समस्त साधु समाज को एक होकर चलना होगा, संत समाज भाषा समिती का ध्यान रखे व किसी भी संघ या साधु का तिरस्कार न करें, राजनितिज्ञों की चाटुकारी से बचें- आर्यिका प्रज्ञमती माताजी! 

अकलूज, 5/08/25,

 श्री दिगम्बर जैन बाहुबली मन्दिर मे आयोजित विशेष प्रवचन सभा में सिद्धांत चक्रवर्ती, श्वेतपिच्छाचार्य विद्धानन्द मुनिराज की सुयोग्य शिष्य, 8 भाषाओ की ज्ञाता, पूज्य वरिष्ठ गणिनी आर्यिका105 प्रज्ञमती माताजी ने जैन समाज के ऊपर देशभर मे आ रहे उपसर्गो पर चिंता व्यक्त करते हुए भारत की सर्व दिगम्बर जैन समाज के साधु-संतो से एक आवाज मे बात उठाने का आव्हान कीया, उन्होने सन्तों को पंथ विवाद से बचने की सलाह देते हुए कहा कि जब भगवन्त एक हैं, ग्रन्थ एक हैं तो सन्तों के पंथ अलग अलग कबसे हो गये? उन्होने उन मुनीसंघों पर तीव्र आक्रोश व्यक्त कीया जो भोले भाले श्रावकों को भटकाकर उल्टे सीधे नीयम देते हैं कि फलां का चौका लगाना और फलां का नहीं! ऐसी बातो से सन्त समाज को बचना होगा! ऐसे ही उन्होंने संतो को भाषा समिति का ध्यान रखने की हिदायत देते हुए कहा कि कितनी भी विपरीत स्थिती आ जावे कभी आक्रोशित होकर न बोलें न खराब शब्दो का प्रयोग करे, जब भी बोलैं मीठा बोलें, तोल कर बोलें!

 

 

 

 

उन्होंने साधुओं में बढ़ती राजनैतिक प्रतिष्ठा की चाहना को आडे हाथों लेते हुए कहा कि सन्त समाज राजा का सम्मान करे लेकिन चापलूसी नहीं! उन्होंने कहा कि कुन्दकुन्द भारती दिल्ली मे पूज्य गुरुदेव आचार्य विद्यानन्द जी के सानिध्य मे रहते हुए इन्द्रागांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी, अटल बिहारी वाजपयी, लालकृष्ण आडवाणी समेत अनेक राजनीतिज्ञ , व बडे बडे अधिकारियों को आते देखती थीं, परन्तु वे तब ही आ सकते थे जब महाराज जी चाहते थे, महाराज जी ने सदैव या तो उन राजनीतिज्ञों की खुद की अथवा जैन समाज की समस्या सुलझाने हेतु ही अपना समय देते थे, लेकिन राष्ट्र की लोकतांत्रिक परम्परा का ध्यान रखते हुए किसी का महिमामंडन कभी नहीं करा!

नान्दणी मठ की हथिनी माधुरी प्रकरण के बारे मे बात करते हुए उनका गला भर आया, भावुक होतीं हुयीं वह बोलीं की एक जीव की रक्षा के लिए 45 हजार लोग सडको पर आगये! उन्होंने कहा कि जैन समाज को सरकार से सदैव न्याय एवं संरक्षण मिला है परन्तु बीते कुछ वर्षों से क्यों शान्तिप्रिय जैन समाज को बार बार सडको पर उतरना पड रहा है? इस पर समाज चिन्तन करे!

उन्होंने कहा कि आज ये सब चर्चा करने का मन इसलिए हुआ क्यो कि आज आगरा से राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त मंच संचालक व कुशल वक्ता श्री मनोज जी बाकलीवाल सभा मे उपस्थित हैं, उन्होंने कहा कि मनोज जी को देश के सभी पंतों के साधुवर्ग, विद्वान एवं श्रेष्ठीवर्ग का स्नेह मिलता है, व उन्हें अनेक मंचों पर बोलने का मौका मिलता है, अत: श्री मनोज जी को चाहिए की देश की व्यथा उन्हें निर्भीक होकर बोलनी चाहिए, वे बोलते हैं तो लोग सुनते भी हैं! अन्त मे माताजी ने श्री मनोज जैन बांकलीवाल आगरा को ढेर सारा आशीर्वाद दीया!

         संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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