जागती हुई चींटी की शक्ति सोते हुए हाथी से ज्यादा होती है प्रसन्न सागर महाराज
दिल्ली
अन्तर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज एवं उपाध्याय पियूष सागरजी महाराज ने गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि जागती हुई चींटी की शक्ति, सोते हुये हाथी से ज्यादा होती है..मन के संकल्प की शक्ति, हजार हाथियों से बढ़कर होती है.. और हिम्मत हारने वालों की शक्ति, चींटी से भी कम हो जाती है..!
मनुष्य की सभी शक्तियां मन के संकल्प पर निर्भर करती है। इसलिए मैं कहता हूं – कर लो दृढ़ संकल्प, देवता चरण पखारेंगे। मन के संकल्प की अद्भुत सम्भावनाएं है। जो लोग जिन्दगी में हारते हैं, उसमें उनकी परिस्थितियां कम होती है, क्योंकि उनके मन को हारने की स्वीकृति ज्यादा होती है। जो लोग ज़िन्दगी में असफल होते चले जाते हैं, उनकी असफलताओं में संसार बहुत कम साथ देता है और उनके सहयोग में बहुत कम हाथ बंटाता है।
100 में से 90 फ़ीसदी आदमी मन से हारने को तैयार है, तो 10 फ़ीसदी लोग उनका साथ देने को तैयार हो जाते हैं।आज की दुनिया में जो लोग जीतते चले जाते हैं, उनका भी नियम वही है और जो लोग हारते चले जाते हैं, उनका भी नियम वही है। जो लोग स्वस्थ है, उनके लिए भी नियम वही है और जो लोग अस्वस्थ है, उनके लिए भी नियम वही है।



इस ज़िन्दगी में जो लोग शान्त है, उनके लिये भी वही नियम है और जो अशान्त है, उनके लिए भी वही नियम है। आप क्या होना चाहते हैं-? बहुत गहरे अर्थ में आप वही हो जाते हैं जो होना चाहते हैं।
विचार वस्तुएं बन जाती है, विचार घटनाएं बन जाती है, और विचार व्यक्तित्व बन जाते हैं…!!! नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

