जिसकी चेतना जाग्रत होती है वही जाग पाता हैः- मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज अवधपुरी में मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ससंघ की चातुर्मास कलश स्थापना रविवार को दौपहर 1:30 बजे
भोपाल( अवधपुरी)
संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागरजी महामुनिराज के परम प्रभावक शिष्य गुणायतन, विद्या प्रमाण गुरुकुलम् के प्रणेता मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज,स संघ 2025 का चातुर्मास मंगलकलश स्थापना रविवार दौपहर 1:30 बजे भारत सरकार के कृषी मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, सांसद आलोक शर्मा, मध्यप्रदेश शासन के मंत्री चेतन कश्यप, नगर निगम की महापौर श्रीमति मालती राय सहित मुख्य अतिथी एवं विशेष अतिथियों के आतिथ्य में संपन्न होंने जा रहा है।
मुनिसंघ के प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया चूंकि मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज के38 चातुर्मास विभिन्न प्रदेशों नगरों तथा महानगरों तथा सर्वोच्च तीर्थ श्री सम्मेदशिखर जी महातीर्थ पर हो चूके है इस अवसर पर कोलकाता, हजारीबाग, रांची, झूमरी तलैया,जयपुर, विदिशा ,इंदौर,दमोह,कटनी, तथा भोपाल से हजारों की संख्या में धर्मश्रदालुओं केआने की संभावनाएं है, संघस्थ मुनि श्री संधान सागर महाराज क्षु.श्री आदरसागर क्षु.श्री समादर सागर, क्षु.श्री चिद्रूप सागर,क्षु.श्री स्वरूप सागर क्षु.श्री सुभग सागर महाराज स संघ के गृहस्थ जीवन के परिवार जनों की उपस्थिति तथा हजारों लोगों की साक्षी में यह मंगलकलश की स्थापना होगी।


प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया मुनिश्री प्रमाणसागर महाराज के संघ सानिध्य में शनिवार दौपहर को गुणायतन का महाअधिवेशन संपन्न हुआ इस अवसर पर गुणायतन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद काला,सुभाष जैन, एन सी. जैन, एन. एल जैन,वीरेन्द्र छावड़ा,अभिनव जैन सहित कयी पदाधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर उन्होंने सम्वोधित करते हुये कहा कि गुरुदेव के आशीर्वाद से गुणायतन राष्ट्रीय स्तर पर जैन छात्रों के लिये आबासीय शिक्षा के लिये कार्य किया जाऐगा एवं अंतरराष्ट्रीयस्तर की युनिवर्सिटी की स्थापना हो जाऐगी इस अवसर पर कहा कि मुनि श्री ने सम्वोधित करते हुये कहा कि विद्या प्रमाण गुरुकुलम् गुणायतन का ही एक अंग है,आचार्य गुरूदेव के परोक्ष आशीर्वाद से शिक्षा के क्षेत्र में गुणायतन का पहला कदम है, कक्षा छै तथा सात के जो 180 बच्चे सिलेक्ट हुये है वह सभी बच्चे इस देश का भविष्य है तथा वह गुरुकुल के गौरव तथा आईकान बनकर राष्ट्र के गौरव को बड़ाएंगे।मुनि श्री ने कहा कि इंदौर के चातुर्मास से ही गुणायतन ने शिक्षा के क्षेत्र में समाज के बच्चों को आगे बड़ाने का जो प्रस्ताव पास किया था उसी कड़ी में विद्या प्रमाण गुरुकुलम् एक कड़ी है भविष्य की बहूत सी योजनाएं है जिनपर आज गुणायतन के राष्ट्रीय अधिवेशन में विचार विमर्श किया गया एवं सभी श्रद्धालुओं को विद्या प्रमाण गुरुकुलम् की विभिन्न योजनाओं से अवगत कराया गया।प्रातःकालीन धर्म सभा में मुनि श्री ने कहा कि हमें सबका पता है,लेकिन खुद का पता नहीं उन्होंने चार शव्द जानो, जागो, जीतो,और जिओ की व्याख्या करते हुये कहा कि
“जिसकी चेतना जाग्रत होती है वही जाग पाता है” मुनि श्री ने कहा कि यदि आपसे पूंछा जाये कि आप कौन है? तो आप अपना परिचय अपने बहूत सारे विशेषणों के साथ बता देंगे क्या जो आपने अपना परिचय दिया वह सत्य है? जैसे रात को सोते समय आपने एक सपना देखा कि आप एक बहूत बड़े सामराज्य के मालिक है लेकिन वह एक घटना घटी और वह सब चला गया घबडाकर आपकी नींद खुली और देखा यह तो एक सपना था मुनि श्री ने पूंछा कि सपना कब तक सत्य दिखता है? जब तक आप नींद में सोये रहते हो उन्होंने कुछ पक्तियों के माध्यम से आज के प्रवचन का सार बताते हुये कहा कि *”जीवन का यह दृश्य जगत का एक बहूत गहरा सपना है, जब तक नींद भरी आंखों में दृश्य जगत अपना है, उतनी देर जागकर जी- लो,जितनी अभी उम्र बाकी है,कोई नहीं किसी का साथी सारी यात्रा एकांकी है”*
मुनि श्री ने कहा कि जागो और पहचानो कि मेंने बहुत बड़ा जीवन व्यर्थ गंबा दिया अब में निज को चाहुंगा, निज को पाऊंगा,और केवल निज के ही गीत गाऊंगा
मुनि श्री ने कहा कि यह दृष्टि उदघाटित हो जाने पर सोच अपने आप बदल जाती है उन्होंने कहा कि अपने अंतस की चेतना को जानो
“मैं कौन हुं” ? और अपनी दुर्वलता को जानो और उसको जीतो यदि आपने अपनी दुर्वलताओं को जीत लिया तो समझना आप पार हो गये मुनि श्री ने कहा कि जिसकी चेतना जग जाती है उसकी जीत शुरु हो जाती है,और वह पूर्ण विजय प्राप्त कर लेता है। इस अवसर पर गुणायतन के अध्यक्ष विनोद काला कोलकाता ने कहा कि इस समय निर्माण कार्य भी चल रहा है तथा उधर निर्यापक श्रमण समता सागर महाराज सहित 57 पिचछीधारी मुनि आर्यिकासंघ विराजमान है आप लोग पधारिये और देखिये प्रथ्वी का स्वर्ग क्या होता है। इस अवसर पर विद्यासागर इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष राजेश जैन आई ए एस, एवं विद्या प्रमाण गुरुकुलम् के अध्यक्ष विनीत गोधा इंजीनियर रमेश जैन सतना ने संवोधित करते हुये गुणायतन की रुप रेखा प्रस्तुत की एवं श्री सम्मेदशिखर जी के निर्माण कार्य की जानकारी दी। इस अवसर मध्यभारत गुणायतन के अध्यक्ष नरेन्द्र टोंग्या,गुरुकुलम् के महामंत्री अनुभव सराफ सहित पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों का स्वागत किया इस अवसर पर भोपाल, विदिशा,सतना,कटनी,कोलकाता, हजारीबाग, रांची मुम्वई, रायपुर, जसपुर, दुर्ग, कुनकुरी तथा विदेशों से यू एस ए.,यू.ए.ई दुबई, आदि देशों से श्रद्धालु उपस्थित थे। संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
