बड़े भक्ति भाव से कलश स्थापना संपन्न।
सनावद:- प.पू.राष्ट्रगौरव आचार्यरत्न 108 श्री वर्धमान सागर जी महाराज सहित 18 त्यागियों की जन्म नगरी सनावद में वर्षायोग चातुर्मास हेतु पधारे परम पूज्य गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी महाराज व प.पू.चर्या शिरोमणी आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य तप शिरोमणी, उपवास साधक मुनि श्री 108 विश्वसूर्य सागर जी महाराज व वात्सल्य ऋषि पूज्य मुनिश्री 108 साध्य सागर जी महाराज का निजानंद ज्ञानामृत पावन वर्षायोग मंगल-कलश स्थापना समारोह साआनंद संपन्न हुआ।
प्रवक्ता सन्मति काका ने बताया कि स्थानीय सकल जैन समाज एवं अनेक शहरों से पधारे श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच मांगलिक क्रियाओं के साथ युगल मुनिराजो की ओर से पावन चातुर्मास मंगल कलश स्थापना की गई जिसका शुभारंभ प्रातः श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिरजी में पंचामृत अभिषेक नित्य नियम पूजन से हुई। अगली कड़ी श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर से मंगल कलश शोभा यात्रा निकाली गई जो नगर के प्रमुख मार्गो से होती हुई नवकार पैलेस पर समाप्त हुई। जिसमें सभी समाजजनों अपने हाथों में स्थापित होने वाले मंगल कलश लेकर चल रहे थे।तत्पश्चात युगल मुनीराज की आहार चर्या संपन्न हुई। जिसका सौभाग्य पवन कुमार विनीश कुमार मदनलाल गोधा परिवार को प्राप्त हुआ। इसी क्रम में दोपहर की पावन बेला में नवकार पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में नरेंद्रभारती के द्वारा प्रारंभिक शास्त्रीय मंगलाचरण किया गया पश्चात अंशुमा जैन पूर्णिमा जैन के द्वारा संगीतमय मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया अगली कड़ी में नृत्य के माध्यम से बेबी अनाया ,बेबी श्रावी के द्वारा मांगलाचरण किया गया, वर्तमान शासन नायक भगवन महावीर स्वामी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन पद्मुम जैन अहमदाबाद गौरव जैन उज्जैन ॐ साध्य परिवार के प्रमुख सुयश जैन राजेंद्र जैन खरगोन पंकज जी मनोज जैन के द्वारा किया गया। । एवं स्वागतननृत्य चेतना गोधा, शैली गोधा,शिवानी जैन, अक्षता जैन. अंजली काला के द्वारा प्रस्तुत किया गया। अगली कड़ी में मुनिश्री विश्व सूर्य सागर महाराज एवं मुनिश्री साध्य सागर जी महाराज के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य दिनेश शिरोमणी अक्षय नीलम पाटनी कुक्षी परिवार को प्राप्त हुआ।
सभी पूर्वाचार्यों के महा अर्घ चढ़ाने का शोभाग्य सभी समाजजनों को प्राप्त हूवा।
इसी कड़ी में मुनि श्री विश्वसुर्य सागर जी महाराज एवं प्राप्त हूवा एवं मुनि श्री साध्य सागर जी महाराज को शास्त्र भेंट करने का शोभाग्यअविनाश कुमार जैनपरिवार को मिला वहीं ।
कार्यक्रम के मुख्य,प्रथम विशुद्धमय वर्षायोग कलश राजकुमारी प्रेमचंद मुकेश कुमार शुभम पेप्सी परिवार को प्राप्त हुआ। द्वितीय निजानंद ज्ञानामृत कलश पवन कुमार जैन कातोरा परिवार को प्राप्त हुआ।
एवम तृतीय वर्धमान विशुद्ध कलश लोकेंद्र कुमार शिखरचंद जैन परिवार को प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर मुनि श्री विश्व सूर्य सागर जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा की चातुर्मास जैन समाज के लिये एक त्यौहार है जो 4 माह तक मनाया जाता है ।
चातुर्मास में दो व्यक्तियों की जरूरत होती है एक तो भरोसा दूसरा भरोसे को समझने वाला। उन्होंने बताया कि चातुर्मास एक स्थान पर स्थित होकर धर्म को आत्मसात करने का मुख्य आधार है। यह चेतना के जागरण की निर्मल प्रक्रिया है। धर्म ही आत्मा के रुपांतरण का पवित्र अनुष्ठान प्रयोग है। जिस प्रकार वर्षा जमीन से मिलती है तो वर्षायोग बन जाता है उसी प्रकार संत श्रावक का मिलन तीर्थ समान माना जाता है।
उन्होंने कहा कि वर्षा योग में चेतना पर अभयदान की वर्षा ,परमात्मा को पाने का उपाय सात्विक जीवन जीने की कला सीखने का अवसर होने के साथ साथ जीवन से पलायन नहीं जीवन परायण की कला है।
मुनि श्री साध्य सागर जी महाराज ने कहा की
आत्म साधना का तरीका पुण्य कमाने का तरीका जीव रक्षा का पावन अवसर पर चातुर्मास को माना गया है। चातुर्मास में साधु संत चार माह तक एक स्थान पर साधना करते है। इसका मुख्य कारण बरसात में होने वाले जीवों की हत्या अधिक होती है इसलिए संत एक स्थान पर रह कर चातुर्मास करते है।
इस मौके पर कमल जैन एंड पार्टी बड़वाह ने सुमधुर भजन प्रस्तुत किये। एवं कलश स्थापना की क्रियाएं वैभव भईया बड़वाह के द्वारा संपन्न कराई गई।
सभा का संचालन प्रसांत चौधरी ने किया। इस अवसर पर शाम को सकल जैन समाज को वात्सल्य भोज करवाने का सौभाग्य पवन कुमार विनीश नकुमार गोधा परिवार को मिला। एवं समाजजनों कार्यक्रम स्थल तक लाने ले जाने के लिए सुरेशचंद जी पांड्या परिवार के द्वारा निशुल्क वाहन व्यवस्था उपलब्ध कराई गई।
इस अवशर पर मुकेश जैन,मनोज जैन,हेमंत काका, हर्षित जैन, अभिजीत सराफ, पुष्पेंद्र जैन, संतोष बाकलीवाल, अनुभव सराफ, सुनील जैन, सहित युवा संघ सभी मंडलों के सभी सदस्य सहित बड़वाह, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, खरगोन, कसरावद, कुक्षी अब्दुल्लागंज, सीहोर , चोराई आष्टा,लाखनगरों से पधारे सभी समाजजन उपस्थित थे।

