परम पूज्य भारत गौरव गणिनी गुरु मां विज्ञाश्री माताजी ससंघ श्री 1008 चन्द्रप्रभु चैत्यालय बपुई वालो की धर्मशाला निवाई में बह रही है धर्म की भव्य प्रभावना*

जयपुर/
*निवाई जैन समाज में चातुर्मास हेतु सामूहिक रूप से चढ़ाया श्रीफल*
निवाई
भारत गौरव परम पूज्य आर्यिका रत्न विज्ञा श्री माताजी निवाई नगरी में आचार्य इन्द्रनन्दी जी महाराज ससंघ के सानिध्य में धर्म की भव्य प्रभावना बह रही है, जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि आज प्रातः श्री जी के अभिषेक, शांतिधारा, अष्ट द्रव्यों से पूजा के बाद पूज्य गुरु मां ने अपने प्रवचनों के माध्यम से श्रावको को सम्बोधन देते हुए कहा कि एक प्रसिद्व रायचंद पतले दुबले थे वे कहते थे की मैं एक बाल्टी पानी (ज्ञान ) शरीर रूपी बगीचे में नही डालता मैं तो आत्मा रूपी बगीचे में डालता हूं इसलिए में दुबला दिखाई देता हूं ऐसे ही अपने ज्ञान को पंचन्द्रियों के विषय और कषायों में डालोगे तो ज्ञान दूषित हो जायेगा और कषाय पल्लवित होती रहेगें, उसी ज्ञान को जब अपनी आत्मा में लगाओगे तब परम शांति मिलेगी काषायों को कम करने का तरीका है की काषायों को ज्यादा बढ़ने मत दो जितना जल्दी हो सके उन्हें जल्दी दबादों,ऐसे करते करते एक दिन अपने कषाय मन्द पड़ जायेंगें , प्रवचन के पश्चात टोंक समाज की कमेटी ने पूज्य गुरु मां के चरणों में अल्प प्रवास हेतु श्रीफल समर्पित कर विनम्र निवेदन किया तत्पश्चात निवाई समाज ने सामूहिक रूप से मिलकर चातुर्मास हेतु भक्तिभावो के साथ श्रीफल चढ़ाया |
*राजाबाबू गोधा जैन महासभा मीडिया प्रवक्ता राजस्थान*
