आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज द्वारा सूरीमंत्रित एवं पंच कल्याणक की गई प्रतिमाओं को मोड़क जिनालय में भव्यता के साथ विराजमान किया गया
मोड़क
परम पूज्य आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर महाराज के सानिध्य में रावतभाटा में भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव 10 फरवरी को भव्यता के साथ संपन्न हुआ।
इसी आयोजन में मोडक जिनालय में विराजित होने वाली भगवान मुनिसुव्रत नाथ एवम भगवान आदिनाथ की प्रतिमाओं में सूरी मंत्र एवं पंच कल्याणक की समस्त क्रियाएं आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर महाराज द्वारा की गई। इन्ही प्रतिमाओं को मोड़क लाया गया और विधि विधान के साथ जिनालय की वेदी में विराजमान किया गया।

आयोजन के क्रम में नवीन प्रतिमाओं को बघेरवाल मांगलिक भवन में निर्मित भवन में विराजमान किया गया एवं श्री जी का अभिषेक किया गया अभिषेक उपरांत प्रतिष्ठाचार्य जितेंद्र शास्त्री के निर्देशन में भक्ति भाव के साथ मगन होकर पंच परमेष्ठी विधान किया गया। सभी मौजूद भक्त आनंदित थे।दूर दराज से आए भक्तों ने भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विधान संपन्न होने के बाद जिन प्रतिमाओं को पालकी पर विराजमान कर नगर के प्रमुख मार्गो से भक्ति नृत्य करते हुए मोड़क दिगंबर जैन मंदिर लाया गया। जहां से भी श्री जी की यात्रा गुजरी वहां पर श्री जी की मंगल आरती की गई। इस भव्य शोभा यात्रा में महिलाएं मस्तक पर मंगल कलश धारण करे हुए चल रही थी बच्चे पचरंगा ध्वज लेकर आगे आगे चल रहे थे। भक्ति उमंग का यह वातावरण काफी अभूतपूर्व था। संपूर्ण मोड़क गांव धर्ममय प्रतीत हो रहा था। शोभा यात्रा का वातावरण जैन धर्म की जय चंद्रप्रभु भगवान की जय अहिंसा परमो धर्म की जय के जयकारों से गूंज रहा था। 


जैसे ही शोभा यात्रा जिनालय में पहुंची वहां पर भक्ति और जयकारो का शोर सुनाई दे रहा था विधि विधान के साथ प्रतिष्ठाचार्य जितेंद्र शास्त्री कोटा ने क्रियाएं संपन्न करते हुए मंदिर में विराजमान वेदी जी में प्रतिमाएं विराजमान कराई एवं अभिषेक शांति धारा की क्रियाएं संपन्न करवाई।

समस्त क्रियाएं संपन्न करते हुए श्रीजी का अभिषेक एवं शांति धारा की गई।

भगवान मुनिसुवतनाथ की प्रतिमा विराजमान करने एवं निर्माण
कराने का पुण्य लाभ ज्ञानचंद सुजीत कुमार पारस दुगेरिया एवम भगवान आदिनाथ की प्रतिमा विराजमान करने एवं निर्माण कराने का पुण्य लाभ अशोक कुमार अभिषेक दुगेरिया मोडक निवासी को प्राप्त हुआ।

पधारे हुए सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया गया इस शुभ अवसर पर आयोजित विधान एवम स्नेह भोज का पुण्य लाभ श्रीमान ज्ञानचंद सुजीत कुमार पारस दुगेरिया मोड़क को प्राप्त हुआ।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट
