वात्सल्य वारिधि आ.श्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज का 36 वा आचार्य पदारोहण दिवस भक्ति भाव से मनाया गया ।
सनावद:-निमाड़ की माटी के लाल नगर गौरव वात्सल्य वारिधि आ. श्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज का 36 वा आचार्य पदारोहण दिवस समाज जनों के द्वारा बड़े हर्ष उल्लास से भक्तिभाव से मनाया।
समाज प्रवक्ता सन्मति जैन ने बताया की इस अवसर पर दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में प्रातः7 बजे से नवनीत जैन, कमल केके, राहुल स्वास्तिक, मनोज जैन सहित सभी समाजजनों द्वारा भव्य पंचामृत अभिषेक किया गया उसके आचार्य श्री का सामूहिक पूजन में भिन्न भिन्न प्रकार के अर्घ व नेवैद्य सुनील पांवणा रदेश जैन सुनील मास्टर, धीरेन्द्र जैन द्वारा समर्पित किये गए।तत्पश्चात सभी भक्तों के द्वारा आचार्य श्री के चित्र के समक्ष सभी के द्वारा भक्ति की गई।


जैसा की सभी को ज्ञात है की आज साक्षात चारित्र चक्रवर्ती 20 वी सदी के प्रथमआचार्य शान्ति सागर जी के चरित्र को चरितार्थ कर पूरे विश्व मे वो उनकी परम्परा का निर्वहन कर रहे है आप एक ऐसी शान एक ऐसी विभूति जिन्होंने एक नहीं दो नहीं तीन तीन बार बाहुबली भगवान के महा मस्तकाभिषेक करवाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है ।
लोग एक बार जाने को तरसते हैं कि एक बार गोमटेश्वर बाहुबली भगवान के दर्शन हो जाए लेकिन जब भी इतिहास लिखा जाएगा जब जब बाहुबली भगवान के साथ आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का नाम भी लिखा जाएगा। एक ऐसे आचार्य जिन्होंने एक साथ तीन-तीन बार भगवान बाहुबली के पंचकल्याणक महा मस्तकाभिषेक कराने का सौभाग्य प्राप्त किया है। ऐसे आचार्य का गुणगान करना अतिशयोक्ति नही होंगी।जैसा की सभी को ज्ञात है की आज से 36 वर्ष पूर्व आज ही के दिन तिथि के अनुसार आशाढ़ सुदी दूज व तारीख के हिसाब से 24 जून 1990 को पारसोला राजस्थान में आचार्य श्री 108 अजीत सागर जी महाराज के द्वारा प्रदान किया गया था। आप वर्तमान में स्वस्ति धाम जहाजपुर में विराजमान होकर धर्म की प्रभावना कर रहे है। इस अवसर पर साक्षात उपस्थित होकर वारिश जैन, वीरेंद्र मुंशी, सुरेंद्र पाटनी, पुष्पा जैन, हीरामणी भूच, अंजू पाटनी, ज्योतिबाला धनोते, चंदा पाटनी सहित अनेक समाजजनों ने उपस्थित होकर अपनी विनयांजलि समर्पित की। इस अवसर पर सभी समाजजन उपस्थित थे। संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312


