आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज का 53 वा अवतरण दिवस भक्ति भाव उल्लास के साथ मनाया गया वर्षा योग 2025 रामगंजमंडी में होगा।
रामगंजमंडी
परम पूज्य आचार्य श्री 108 विराग सागर महाराज के परम शिष्य वाककेसरी परम पूज्य आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज का 53 वा अवतरण दिवस भवानीमंडी में गुरुवार की बेला में मेडतवाल धर्मशाला में मनाया गया आयोजन में दूर दराज से एवं आसपास के कई स्थानों के भक्त पधारे। एवं सभी का उत्साह भरपूर था।
आयोजन के शुभारंभ में सर्वप्रथम ब्रह्मचारी दीदी समूह द्वारा अलौकिक मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया कार्यक्रम के क्रम में आचार्य श्री 108 विराग सागर महाराज के चित्र का अनावरण सकल दिगंबर जैन समाज रामगंजमंडी की ओर से संरक्षक अजीत कुमार सेठी, अध्यक्ष दिलीप विनायका, उपाध्यक्ष चेतन बागड़िया, मंत्री राजीव बाकलीवाल प्रदीप जैन गर्ग आदि के द्वारा किया गया इस अवसर पर भवानीमंडी समाज की ओर से सभी का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। छोटी-छोटी बालिका द्वारा दी गई प्रस्तुति सभी का मनमोह गई। आचार्य श्री के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन भवानीमंडी के श्रेष्ठी जन द्वारा किया गया।
इस पुनीत बेला में अष्ट द्रव्य के विशेष थाल सजाकर पूजन किया गया जिसका सौभाग्य दीपक गोधा नेमीचंद कड़ोदिया/ प्रिंस भैया
राजमल बागड़ियांमोतीलाल कन्हैया लाल परिवार महेंद्र गंगवाल परिवाररमेश चंद जी ठग परिवार ऋषभ जी जैन ( सेवालय मेड.)टीकम चंद चांदवांड परिवार नवीन जी हरसोला परिवार विमल जी सेठिया परिवार को प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर आचार्य श्री को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य मोतीलाल कन्हैया लाल विजय कुमार गंगवाल मिश्रोली महिला मंडल भवानीमण्डी , अशोक सरावगीकबाड़े वाले परिवार को प्राप्त हुआ।

आचार्य श्री के चरणों का पद प्रक्षालन करने का सौभाग्य शुभम जैन पुलकित जैन नितिन जैन गजानंद जैन दक्ष जैन जयपुर निवासी को प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर रामगंजमंडी सकल दिगंबर जैन समाज ने गुरुवर के चरणों में श्रीफल भेंटकर वर्षा योग हेतु निवेदन किया। इसके साथ ही 2 जुलाई को होने वाले गुरुदेव के ऐतिहासिक प्रवेश की पत्रिका का विमोचन भी किया गया। समाज की ओर से महावीर दिगंबर जैन मंदिर महामंत्री श्री पदम जैन सुरलाया ने सभी से 2 जुलाई को होने वाले प्रवेश में सम्मिलित होने का निवेदन किया।
धर्मसभा में मुनिश्री संयत सागर महाराज ने आचार्य श्री के जीवन कृतित्व पर प्रकाश डाला। मुनिश्री 108प्रांजल सागर महाराज ने गुरु गुण अनुवाद करते हुए कहा कि मेरा जन्म नहीं हुआ जब गुरु के चरणों में आया तब मेरा जन्म हुआ था गुरु से मिला गुरु को जाना समय आया और मिला तभी हम अवतरण”दिवस मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्म की बारिश होती है तो आसपास के लोग भी होते हैं। आप लोगों की पुण्य के आगे हमारा पुण्य फीका पड़ जाता है। इसका भावार्थ समझाते हुए उन्होंने कहा कि भक्ति के सामने भगवान भी झुक जाते हैं भक्ति में कमी नहीं होनी चाहिए। आज किया हुआ समर्पण आपके अशुभ कर्मों में काम आएगा। आपके साथ अभी-अभी मिला हूं नया-नया लगता हूं। गुरुदेव आपसे जब से मिला हूं मुझे हर पल हर दिन नया लगता है बस गुरुदेव आपका साथ चाहिए। उन्होंने i wish you गुरुवर गीत के द्वारा गुरु की महिमा का बखानकिया जब उन्होंने गीत सुनाया तो सारा वातावरण भक्ति से भर गया।
इस अवसर पर आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि संसार विचित्र है जन्म एवं मृत्यु पर टिका हुआ है आपको जन्म का तो पता है लेकिन मरण कब होगा यह पता नहीं है। जन्म और मृत्यु की परिपाटी चली आ रही है। जब तक हम मोह को नहीं छोड़ पा लेते तब तक जन्म को लेते रहेंगे। यदि हम मोह को बदल पाते तो बहुत कुछ कर पा सकते थे। मोह का आधार छोड़कर ही मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है मोक्ष चाहिए तो मोह को छोड़ना होगा मोह को छोड़ना नहीं चाहते और मोक्ष चाहते हैं। सदियों से चला रहा है कि हम दोनों हाथ में लड्डू रखना और समेटना चाहते हैं हम आधार किस बना रहे हैं किस आधार पर हम आगे बढ़ रहे हैं इस पर विचार होना चाहिए। जब तक हमें परमात्मा की पहचान नहीं तब तक जन्म होता रहेगा। संयम की ताकत से ही मोक्ष की प्राप्ति होती है। यदि दर्शन की पहचान हो जाए तो मोह कम हो जाएगा।
नदी के किनारे पर बैठने से तैरना नहीं सीख पाते हैं उसके लिए जल में जाना पड़ता है और तैरना पड़ता है। उन्होंने कहा कि धर्म की समझ आ जाएगी तो हमें अहित और मोह समझ में आएगा। मोह को समय देंगे तो जन्म की सार्थकता नहीं है।
उन्होंने कहा आचार्य श्री विराग सागर महाराज आज नहीं है उन्होंने मुझे फिल्टर किया और उन्होंने मुझे इतना दिया इतना दिया कि मुझे दिगंबर बना दिया। आज वे नहीं है लेकिन वह हर पल 24 घंटे हमारे साथ हैं वह हमेशा हमारे भाव में बने रहते हैं यादों में बने रहते हैं। उन्होंने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज आचार्य श्री विराग़ सागर महाराज जैसे व्यक्तित्व कई जन्मों के बाद जन्म लेते हैं। उनकी साधना महान थी। कार्यक्रम उपरांत गुरुदेव का मंगल विहार भानपुरा की ओर हुआ आचार्य श्री का मंगल वर्षा योग रामगंज मंडी में संपन्न होगा उनका 2 जुलाई को रामगंज मंडी नगर में भव्य ऐतिहासिक मंगल प्रवेश होगा। समारोह का संचालन गौरव जैन एवम सुधांशु जैन ने किया
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312







