धर्मतीर्थ क्षेत्र में प्रथम बार दो क्रांतिकारी राष्ट्रसंतों का भव्य मिलन हुआ।धर्मतीर्थ ट्रस्ट परिवार व सकल जैन समाज के द्वारा राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुणधरनंदी जी को (धर्म क्रान्ति सूर्य)की पदवी से विभूषित किया
धर्मतीर्थ
धर्मतीर्थ क्षेत्र में प्रथम बार दो क्रांतिकारी राष्ट्रसंतों का भव्य मिलन हुआ।धर्मतीर्थ ट्रस्ट परिवार व सकल जैन समाज के द्वारा राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुणधरनंदी जी को (धर्म क्रान्ति सूर्य)की पदवी से विभूषित किया गया।
धर्मतीर्थ प्रणेता क्रांतिकारी राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी ससंघ ने अपने गुरुभाई नवग्रह तीर्थ प्रणेता राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुणधरनंदी जी का भावभीना स्वागत किया।

इस वात्सल्य मिलन को देखने हजारों भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।आचार्य श्री गुप्तिनंदी ने आचार्य श्री गुणधरनंदी जी के विषय में बताते हुए कहा कि जिन्हें बचपन से माता पिता की छत्रछाया नहीं मिली वो आज हजारों लाखों बच्चों के मातापिता बनकर उनका जीवन संवार रहे हैं।हम दोनों मुनि दीक्षा के बाद जबतक संघ में रहे तबतक एक साथ एक ही रूम में रहते थे और आज भी हम निरंतर एक दूसरे के संपर्क में रहते हैं।

आचार्य श्री गुणधरनंदी जी ने कहा कि आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी कविहृदय हैं।आपके प्रेरणा से निर्मित ये धर्मतीर्थ क्षेत्र आगे चलकर एक विराट तीर्थ बनेगा।
आपके सभी प्रकार के संकटों का निवारण करेगा।यहाँ4जनवरी को हम सबके दीक्षा शिक्षा प्रदाता जगत्गुरु गणाधिपति गणधराचार्य श्री कुन्थुसागरजी गुरुदेव के सान्निध्य में सिद्ध शिलान्यास होगा।उस महोत्सव में आप अपने सभी कार्यों की सिद्धि के लिए अवश्य ही सिद्ध शिलान्यास में तन मन धन से पुण्यार्जन करें*
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
