अहिंसक हैं कमजोर नही संजय जैन बड़जात्या कामा की अपील
अहिंसक जैन समाज आखिरकार क्यों मांग रहा है अपराधियों के लिए फांसी की सजा जियो और जीने दो के सिद्धांत को प्रतिपादित करने वाला जैन समाज अंतरंग तक हिल चुका है।
अपराध बड़ा है और क्षम्य नही है,भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। आजाद भारत के इतिहास में ऐसा विभत्स हत्याकांड और वह भी एक जैन संत के साथ घटित नहीं हुआ।आचार्य काम कुमार नंदी जी का नो टुकड़ों में बटा हुआ शरीर न्याय की मांग कर रहा है भविष्य में संतों की सुरक्षा के प्रश्न को उठा रहा है।
मौन नहीं मुखर हो जाओ जो अपने अधिकारों के लिए कुछ नहीं बोल सकता उससे बड़ा कायर कोई और हो नहीं सकता।संपूर्ण भारत वर्ष में आने वाले सोमवार 17 जुलाई 2023 को एक साथ सम्पूर्ण भारतवर्ष की जैन समाज के सभी घटकों को अपने -अपने शहरों/कस्बो, पर ज्ञापन, मौन जुलूस व हिंसक प्रदर्शन करना चाहिए।
संकलित अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
