भगवान के दर्शन दिल से करें दिमाग से नहीं मुनि श्री प्रज्ञान सागर महाराज
20 जून नैनवा शुक्रवार दिगंबर जैन बड़े मंदिर में धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री प्रज्ञान सागर महाराज ने बताया कि सच्चे दिल से मनुष्य को प्रभु का जिनालय जाने से भजन दर्शन अच्छे होते हैं अपने दिमाग को बाहर छोड़कर आने पर ही भक्त को भगवान का स्मरण प्राप्त होता है।
मुनिश्री ने बताया कि पहले के लोग धर्म की क्रिया सच्चे मन दिल से करते थे इस कारण उनका दिल के हार्ट अटैक नहीं पढ़ते थे आज आए दिन लोगों को दिल के दौरे पड़ने लगे हैं मनुष्य असमय में संसार से चले जा रहे हैं मुनिश्री ने कहा चला चला मैं मंदिर चला*/हुआ कर्म का हादसा/


मंदिर आया था पाप निशाने पुण्य बढ़ाने के लिए आज का मनुष्य 23 घंटे 50 मिनट संसार की क्रिया करता है मात्र 10 मिनट एकाग्रचित्त होकर सच्चे मन से ईश्वर की भक्ति करने से बहुत शांति की प्राप्ति होती है

सिद्ध चक्र मंडल विधान का महिमा उदाहरण देते हुए बताया की मैना सुंदरी सती ने अपने पति के कुष्ठ रोग उत्पन्न होने पर श्रद्धा से सिद्ध चक्र मंडल विधान का जल छिड़कने पर उसका पति कामदेव जैसा सुंदर बन गया यह मैना सुंदरी की सच्ची सच्ची श्रद्धा मुनि ने बताया।
धर्म मिलता है धर्मात्मा के पास प्रसिद्ध सागर महाराज
धर्मसभा में मुनिश्री प्रसिद्ध सागर महाराज ने बताया कि मंदिर में पूजा पाठ भक्ति साधु के उपदेशों में धर्म नहीं है सच्चा धर्म सच्चा ज्ञान धर्मात्मा के पास से ही प्राप्त होगा धर्मात्मा ही प्रभु के पास जाने का सच्चा मार्ग बताएगा
वर्षा योग समिति प्रचार मंत्रीमहावीर कुमार जैन सरावगी से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

