पिता दिवस पिताजी को समर्पित 

काव्य रचना

   पिता दिवस पिताजी को समर्पित                        र बेटे की पहली उड़ान पापा की ऊंगली से होती है,                                                     हर बेटे बेटी की सबसे सुरक्षित जगह उनकी गोद होती है।                                                 पिता की ममता भी माँ से कम नहीं होती,                            बस वो दिखाते नहीं, बस निभाते हैं।

 

 

. वो बोलते कम हैं, पर प्यार उनका गहरा है,

पिता नाम का रिश्ता सबसे प्यारा है।

हर दिन उनके लिए खास होना चाहिए,

फादर्स डे तो बस एक इशारा है।

       उंगली पकड़ चलना सिखाया 

      गलतियों पर प्यार से समझाया 

     उनकी डाट में भी प्यार समाया 

      दुनिया से लड़ने की सीख देकर मुझे काबिल बनाया 

   क्या कहु पापा आप में ही सारा ब्रह्मांड समाया

 

     

  मात पिता मूल उदगम है 

   संस्कारों के ये उदगम है 

    ये ही तो साक्षात देव रूप है 

   प्रभु मेरे घर को ये वर दो 

   मात पिता की सेवा हो

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