नेत्रदान पर काव्य रचना आओ हम किसी को रोशनी दे जाए,

काव्य रचना

आओ हम किसी को रोशनी दे जाए,
किसी की जिंदगी में खुशियों के रंग भर जाएं

उल्लेखनीय सेवा के लिए सम्मानित सोनिया बागडिया

एक दिन सभी को इस दुनिया से जाना है
और उस दिन सबकुछ राख हो जाना है
तो क्यूं न राख होने से पहले
किसी जरूरतमंद के हम काम आ जाए
आओ हम किसी की ……

दुनिया बहुत खूबसूरत है
और सभी को इसे देखने का हक है
तो क्यूं न राख होने से पहले
किसी जरूरतमंद की हम मदद कर जाए
आओ हम किसी को……

मरने के बाद ही तो देना है
जिते जी तो कुछ लेना न देना है
तो क्यूं न मदद करने की उस खुशी को
हम आज जिते जी महसूस कर जाए

आओ हम किसी को रोशनी दे जाए
किसी की जिंदगी में खुशियों के रंग भर जाए

रचयिता सोनिया बागडिया रामगंजमडी

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