गणिनी आर्यिका श्रीसृष्टिभूषण माता जी का आज होगा पंचशील नगर में भव्य मंगल प्रवेश आर्यिका श्री विश्वयशमति माताजी करेगी गुरु मां की चरण वंदना

धर्म

गणिनी आर्यिका श्रीसृष्टिभूषण माता जी का आज होगा पंचशील नगर में भव्य मंगल प्रवेश आर्यिका श्री विश्वयशमति माताजी करेगी गुरु मां की चरण वंदना

भोपाल 

 गणिनी आर्यिका105 श्री सृष्टि भूषण माता जी का मंगलवारा भोपाल में संयमी जीवन का 32वां वर्षायोग करने हेतु भोपाल नगर के विभिन्न जिनालयों में दर्शनार्थ भ्रमण चल रहा है पंच शील नगर समाज अध्यक्ष अनुसार आज प्रातः नेहरू नगर जिनालय से पंचशील नगर के जिनालय में आर्यिका संघ का भव्य मंगल प्रवेश होगा । पंचशील नगर में पूर्व से विराजित संघस्थ आर्यिका105 श्री विश्वयशमति माताजी आपकी अगवानी कर आपकी चरण वंदना करेगी।62 वर्षीय आर्यिका 105श्री सृष्टिभूषण,आर्यिका105 श्री विश्व यशमति माताजी,श्री विमलमति माताजी एवं क्षुल्लिका105 श्री आप्त मति माताजी का वर्ष 2025 का चातुर्मास मंगलवारा दिगंबर जैन मंदिर में होगा।

 

इस अवसर पर धर्म सभा में श्री सृष्टिभूषण माताजी ने श्रावकों को मौत को हराने की कला सीखने की आवश्यकता बताई , क्यूंकि मृत्यु कल और आने वाला भविष्य दोनों छीन लेती है, इसलिए समय रहते मृत्यु को समाधि मरण मृत्यु महोत्सव बनाना चाहिए।

 

जीवन का हिसाब किताब अर्थात पुण्य और पाप को ठीक करना चाहिए भौतिक रूप में आप जीवन को सेट करते हैं , किंतु आपका जीवन अपसेट है इसलिए चेहरे को नहीं दिल को और चित् को सुंदर बनाओ देखने का नजरिया बदलोगे तो सृष्टि बदल जाएगी पापो और कषाय के कारण आप दुखी हो, पाप आपके दुश्मन है। क्रोध मान माया के कारण हिंसा होती है।

इसलिए परमात्मा से जोड़ने की जरूरत है परमात्मा से मतलबी स्वार्थी होकर आप मांगते हो याचना करते हो जबकि आपकी प्रार्थना निस्वार्थ होना चाहिए अच्छे कर्म करना चाहिए बच्चों को शिक्षा और संस्कार की जरूरत है आपको अपनी शक्ति अनुसार दान देना चाहिए। ज्यादा चिंता करने से चिता बनती है संसार रूपी भव सागर से कैसे पार होना इसका चिंतन जरूरी है।

 

राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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