*विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रकृति को व्यसनों से मुक्त करने की दिलाई शपथ*
मोड़क
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा मोड़क स्थित मंगलम सीमेंट लिमिटेड में ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा पर्यावरण दिवस पर मिलकर वृक्षारोपण किया गया । जिस हेतु कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मंगलम सीमेंट लिमिटेड के प्रेसिडेंट सुनील सचान, ज्वाइंट प्रेसिडेंट अनिल मंडोत, माइनस हेड ऑफिसर बजरंगलाल जी सहित सभी मंगलम सीमेंट के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे साथ ही ब्रह्माकुमारी संस्था की कोटा संभाग की मुख्य प्रशासक राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी, ब्रह्माकुमारी गरिमा दीदी, ब्रह्माकुमारी रजनी दीदी, व रामगंजमंडी ब्रह्माकुमारी केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी शीतल दीदी भी उपस्थित रहे । कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी केंद्र से आए हुए बच्चों ने एक सुंदर लघु नाटिका का भी सभी के समक्ष प्रदर्शन किया जिससे सभी का मन हर्षित हो गया जिसमें व्यसनों से प्रकृति और मानव जीवन को सुरक्षित रखने का संदेश सभी को दिया गया। नाटिका की सराहना करते हुए मंगलम के प्रेसिडेंट सुनील सचान जी ने सभी बच्चों को बधाई दी साथ ही कुछ सौगात भी भेट की।
आदरणीय उर्मिला दीदी जी ने कि “पर्यावरण को संरक्षित रखने में हमारी भावनाएं बहुत काम करती है। हमारी पौधों के प्रति प्रकृति के प्रति शुभ भावना प्रेम की भावना होगी तो वो दिन ब दिन वृद्धि को प्राप्त होगी लेकिन हम उन्हें नुकसान पहुंचाएंगे तो प्रकृति भी निर्जीव हो जाएगी।”।
“मंगलम सीमेंट के प्रेसिडेंट सुनील भाईने भी बताया कि”अब से फैक्टी में हर वर्कर किसी भी प्रकार का व्यसन( नशा) करेगा उसके लिए 100 रु जुर्माना लगाया जाएगा जिससे प्रेरित होकर कंपनी को व्यसन मुक्त बनाया जा सकेगा”

मंगलम के ज्वाइंट प्रेसिडेंट अनिल मंडोत जी ने भी भाषण करते हुए कहा कि” ये बिल्कुल सत्य है कि हमारे विचारों और भावनाओं का ही प्रभाव प्रकृति पर पड़ता है इसलिए प्रकृति से प्रेम करो ”
इतना ही नहीं मंगलम सीमेंट लिमिटेड के माइनस एरिया में जाकर सभी बहनों व कंपनी के वरिष्ठ अधिकारीयों ने पौधारोपण किए और 600 से भी अधिक पेड़ लगाए।
बीके शीतल ने सभी को ईश्वरीय प्रसाद देकर सभी का आभार व्यक्त किया।


इसके साथ चेचट में भी ब्रह्माकुमारी केंद्र के बच्चों ने नुक्कड़ नाटक के द्वारा लोगों को व्यसन मुक्त बनने के लिए प्रेरित किया ब्रह्माकुमारी शीतल ने सभी चेचट वासियों से “निवेदन किया कि अपना जीवन ओर प्रकृति को इन व्यसनों से खराब नहीं कर उसे राजयोग मेडिटेशन द्वारा संवारने का प्रयास करो इसके द्वारा हम संपूर्ण प्रकृति को स्वर्णिम बना सकते है।”
सकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
