आचार्य श्री सुंदर सागर महाराज संघ का रामगंज मंडी नगर में हुआ मंगल आगमन जब से मोबाइल आया तब से संबंध समाप्त हो गए आचार्य श्री सुंदर सागर महाराज
रामगंजमंडी
परम पूज्य तपस्वी सम्राट आचार्य श्री 108 सन्मति सागर महाराज की परम प्रभावक शिष्य आचार्य श्री 108 सुंदर सागर महाराज का प्रातः बेला में रामगंजमंडी नगर में मंगल प्रवेश हुआ पूज्य महाराज श्री ने नालोदिया से मंगल विहार करते हुए अंबेडकर सर्किल से नगर की सीमा में प्रवेश किया महाराज श्री को अंबेडकर सर्किल स्टेशन चौराहा होते हुए शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर लाया गया मंदिर जी के प्रवेश द्वार पर महाराज श्री का पद प्रक्षालन मंगल आरती कर अगवानी की गई। आचार्य श्री संघ ने मूल नायक शांतिनाथ भगवान के दर्शन किए। उसके बाद प्रातः 8:30 बजे मंदिर जी के सभा कक्ष में धर्म सभा हुई।
धर्म सभा को संबोधित करते हुए सर्वप्रथम आर्यिका 105 सुलक्ष्यमति माताजी ने कहा कि पुण्य बढ़ाने की बात करते हुए कहा कि अपने पुण्य को समझो और नगर में अगर संत आए तो उनकी सेवा में लग जाओ गुरु की वाणी से ही अंतरंग में परिवर्तन होगा। समय की दुर्लभता को समझने की बात की उन्होंने कहा कि लोक में जो कुछ भी नजर आता है वह 6 द्रव्यों में ही नजर आता है। एव माताजी ने इस पर भी विशेष प्रकाश डाला।

इस अवसर पर आचार्य श्री सुंदर सागर महाराज ने मोबाइल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब से मोबाइल आया है संबंध समाप्त हो गए हैं बोलचाल बंद हो गई है। आज का व्यक्ति मोबाइल का दीवाना हो गया है परमात्मा को भी भूलने लगा है उन्होंने जैन दर्शन के विषय में कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं कि भगवान महावीर के शासनकाल में जी रहे हैं और हमें जैन लिखने का अधिकार प्राप्त है। वीतराग शासन में यदि आत्मा का बोध हो गया भेद विज्ञान को समझ लिया व्यक्ति को आत्मा का बोध हो जाए तो वह परमात्मा बन जाएगा।दूसरों की सुनोगे तो कुछ नहीं कर पाओगे अपनी सुनोगे तो अपनी आत्मा को जान पाओगे। यदि आत्मा से कषाय नष्ट हो जाएगी तो यह आत्मा परमात्मा बन जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जैन संत हैं तो जैन शासन सुरक्षित है। व्यक्ति यदि रागियों की संगति में रहेगा तो आत्मा की अनुभूति नहीं कर पाएगा।



आचार्य श्री की मंगल आहारचर्या का सौभाग्य सोमेंद्र कुमार जितेंद्र कुमार परिवार को प्राप्त हुआ।
संध्या की बेलामी आचार्य श्री का मंगल विहार कोटा की और वह एवं रात्रि विश्राम सराफ फार्म हाउस पर हुआ
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट





