गणिनी आर्यिका सृष्टि भूषण माताजी ने की आचार्य विशुद्ध सागर महाराज संघ की अगवानी
अकोदिया
परम पूजनीय पट्टाचार्य 108 श्री विशुद्ध सागर महाराज संघ का मंगल आगमन हुआ मंगल आगमन के समय पूर्व में विराजमान गणिनी आर्यिका 105 श्री सृष्टि भूषण माताजी ने गुरुदेव की अगवानी की अगवानी करते हुए गुरु मां ने आचार्य श्री को नमन किया नमन कर उन्होंने आचार्य श्री की मंगल परिक्रमा की इन अलौकिक पलों का संपूर्ण नगर साक्षी बना। जय जयकार शोर सुनाई पड़ रहा था।
परमपूज्य माताजी का भोपाल चातुर्मास के लिए विहार चल रहा हैं आयोजित धर्मसभा में पूज्य माताजी ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि हमारे जीवन का तरीका बदल गया है विचारों कापरिवर्तन हो गया है पहले विचारवानव्यक्ति मर्यादा में जीते थे आज मर्यादा विहीन हो गए हैं पहले हम विचारवान मर्यादा मान व्यक्ति को अच्छा मानते थे लेकिन आज मर्यादा विहीन व्यक्ति की पूछ परख ज्यादा है।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया विनाश के कगार पर खड़ी है आज अनुपम बनने लगे हैं माताजी ने कहा कि एक बार आइंस्टीन से किसी ने पूछा कि तीसरा विश्व युद्ध किस पर होगा तो उसने जवाब दिया तीसरा युद्ध तो पता नहीं लेकिन चौथा युद्ध पत्थरों से लड़ा जाएगा। चार वर्ण जीने के तरीके हैं जो ब्रह्म में आचरण करता है वही ब्राह्मण है।


धर्म संप्रदाय जाति के आधार पर हम लड़ते हैं ध्यान रखना नाव चलाने के लिए केवटिया की जरूरत होती है यदि केवटिया नहीं होगा तो नाव डूब जाएगी इस तरह से धर्म को पार लगाने के लिए संत है।
फास्ट फूड के विषय में माताजी ने कहा कि आज बच्चे सात्विक खाना नहीं खाकर चाऊमीन मोमोज जैसी चीज खा रहे हैं जो गलत है। अंग्रेज चले गए लेकिन हम अंग्रेजों को अपना रहे हैं। ध्यान रखना हमें तीर्थंकरों की तरह क्षत्रिय बना है हमें दुश्मन को नहीं दुश्मनी को मिटाना है हमेशा यही भावना भान मैत्री भाव जगत में मेरा हमेशा मैत्री भाव बना रहना चाहिए आज हमने फूहड़ता की और कदम बढ़ा दिए। माताजी की आहारचर्या शुजालपुर में संपन्न हुई
राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

