श्री सम्मेद शिखर तीर्थवंदना का महान अवसर भवभवांतर के महान पुण्य योग से प्राप्त होता है” निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर महाराज
(ईसरी )
गुरुदेव के साथ तीर्थ वंदना का महान अवसर भवभवांतर के बड़े ही पुण्य योग से प्राप्त होता है और यह अवसर मुझे 1983 को संत शिरोमणि आचार्य गुरुदेव श्री विद्या सागर महाराज के सानिध्य में 42 वर्ष पूर्व प्राप्त हुआ था तथा उन्ही के कर कमलों से दिनांक 25 सितबर को ईसरी की इस सिद्धभूमी मुनि दीक्षा प्राप्त हुई थी। उपरोक्त उदगार निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर महाराज ईसरी की और विहार करते समय एक नव निर्माणाधीन स्कूल के परिसर में व्यक्त किये।
मुनि श्री ने कहा कि 42 वर्ष पश्चात इस सिद्धभूमी पर लौटने का सुयोग्य अवसर प्राप्त होंने जा रहा है मन में अथाह उत्साह है, तथा प्रफुल्लित है ” उन्होंने कहा कि वर्तमान आचार्य श्री समय सागर जी महाराज की आज्ञा से बारासिवनी में पंचकल्याणक, गोंदिया में वेदी प्रतिष्ठा एवं श्री जी को विराजमान कर गुरू आज्ञा से डोंगरगढ़ में आचार्य गुरुदेव का समाधि दिवस भव्य अतिभव्य रुप से संपन्न हुआ और हमारी यात्रा तीर्थराज श्री सम्मेदशिखर की ओर हुई।


यहा से मुनि श्री श्री पवित्र सागर महाराज का संघ सानिध्य मिला साथ ही ऐलक श्री निश्चय सागर महाराज ऐलक श्री निजानंद सागर महाराज क्षु. श्री संयम सागर महाराज सहित संघस्थ ब्र.अनूप भैया,रिकू भैया,ब्र शैलैष ब्र. राजेश ब्रतीश्रावक अन्ना भैया,आदित्य जैन कवर्धा सहित विभिन्न नगरों से श्रावक श्राविकायें जुड़ते चले गये यात्रा दुर्ग राजनांदगांव तथा छत्तीसगढ़ के विभिन्न नगरों राजधानी रायपुर विलासपुर, तथा झारखंड में रांची हजारीबाग होते हुये आज ईसरी में प्रवेश करने जा रहे है।

इस अवसर पस्त ईसरी से आये सभी व्रती श्रावक श्राविकाओं तथा समाज बंधु ए मंगल विहार में सहयोगी बन करधर्म प्रभावना में सहयोगी बने रहे। महाराज श्री ने सभी बंधुओं को आशीर्वाद दिया।
मुनि श्री के साथ संलग्न दयोदय महासंघ एवं मुनि संघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी एवं स्थानीय मीडिया प्रभारी ईसरी के महामंत्री राजेश जैन सरिया ने बताया मुनिसंघ की आहार चर्या ईसरी रोड़ पर पुल के पास निर्माणाधीन स्कूल टोल में संपन्न हुई एवं संध्या काल में मुनिसंघ की मंगल अगवानी ईसरी में होगी। सभी त्यागी वृतियों तथा समाज बंधुओ में अपूर्व उत्साह है, रात्री विश्राम ईसरी त्यागी वृति आश्रम में होगा तथा 17 जून शनिवार को आहार चर्या ईसरी में ही होगी तथा संध्याकाल में मंगल विहार शाश्वत सिद्धभूमी श्री सम्मेद शिखर तीर्थराज की ओर होगा
18 जून रविवार को प्रातःकाल 7 बजे मुनिसंघ की मंगल अगवानी गुणायतन में विराजमान मुनि श्री पूज्यसागर महाराज एवं मुनि श्री अतुल सागर महाराज ज्येष्ठ आर्यिका गुरुमति माताजी एवं आर्यिकारत्न दृणमति माताजी सहित समस्त आर्यिका एवं क्षेत्र पर विराजमान साधु संतों त्यागी वृतियो द्वारा की जाऐगी
अविनाश जैन विद्यावाणी से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312



