*लाडनूं की इंद्रमणी गगंवाल आर्यिका दीक्षा लेकर बनी उत्कृष्टमती माताजी*
संयम पथ पर अग्रसर लाडनूं के दिगंबर जैन समाज की वरिष्ठ सदस्या इंद्रमणी देवी गंगवाल जैनेश्वरी दीक्षा लेकर अब आर्यिका उत्कृष्टती माताजी के नाम से अपना मोक्ष मार्ग प्रशस्त करेगी।
जैन तीर्थ सम्मेद शिखरजी में वात्सल्य मूर्ति मुनिश्री पुण्य सागर जी महाराज के सान्निध्य में तथा अनेक साधु- साध्वियों व श्रद्धालुओं की उपस्थिति में आयोजित हुए भव्य दीक्षा समारोह में इंद्रमणी देवी ने सांसारिक मोह-माया का त्याग कर धार्मिक विधि-विधान पूर्वक सन्यास जीवन अंगीकार किया।
दीक्षा समारोह में लाडनूं की दिगंबर जैन समाज के स्थानीय व कोलकाता, मुंबई, दिल्ली, जयपुर, गुवाहाटी डीमापुर आदि स्थानों में प्रवास कर रहे श्रद्धालू बड़ी संख्या में वैराग्य के इन पलों के साक्षी बने तथा दीक्षार्थीनी इंद्रमणी देवी के दिव्य निर्णय की भावपूर्ण अनुमोदना कर पुण्य के भागी बने।
जैन समाज लाडनूं के सदस्य राज पाटनी ने बताया कि इंद्रमणी देवी का पूरा जीवन व्रत, उपवास व त्याग को समर्पित रहा है।
तीन पुत्रों के भरे पूरे परिवार की प्रमुख रही सौम्य व शांत स्वभाव की इंद्रमणी देवी अपनी गृहस्थी के सफलतापूर्वक संचालन के साथ ही मुनिसंघो, मुनियों, आर्यिका संघों व आर्यिकाओं तथा त्यागी वृत्तियों की सेवा वैयावृति व आहारचर्या में संलग्न रही है, वे पिछले काफी समय से घर में रहकर भी सांसारिक मोह माया से निरपेक्ष होकर एक साध्वी जैसी त्याग,तपस्या व चर्या का पालन कर रही थी।
राज पाटनी ने बताया कि इंद्रमणी देवी सहित लाडनूं दिगंबर जैन समाज के अब तक छह सदस्य जैनेश्वरी दीक्षा ग्रहण कर चुके है जो कि समाज के लिए प्रेरणा और गौरव का विषय है।
इस से पहले लाडनूं से सम्मेद शिखरजी पहुंची इंद्रमणी देवी द्वारा तीर्थ पर विराजित परम पूज्य वात्सल्य मूर्ति मुनिश्री पुण्य सागर जी महाराज के समक्ष दीक्षा देने हेतु निवेदन किया गया जिसे मुनिश्री द्वारा आशीर्वाद सहित सहर्ष स्वीकार किया गया व दीक्षा पूर्व के अनेक धार्मिक विधि विधान आयोजित किए गए।
सम्मेद शिखरजी स्थित मध्यलोक में प्रातः आयोजित दीक्षा समारोह में दीक्षार्थीनी इंद्रमणी देवी के सुपुत्रत्रय अर्जुन गंगवाल, संतोष गंगवाल, व पुखराज गंगवाल परिवार सहित तथा लाडनूं की जैन समाज के स्थानीय व प्रवासी सदस्य रतनी देवी बड़जात्या, हीरामणी बड़जात्या, सुशीला जैनाग्रवाल, मंजू सेठी, निर्मला जैनाग्रवाल, शकुंतला जैनाग्रवाल, किरण बड़जात्या, सुशीला गंगवाल, अशोक सेठी, पारस जैनाग्रवाल, विमल जैनाग्रवाल, राजकुमार जैनाग्रवाल, महेंद्र गंगवाल, रुबल बड़जात्या, शंभु जैनाग्रवाल, संतोष सेठी, विरेन्द्र पाण्ड्या, संजय पाटनी, संजू महेंद्र सेठी, अनिल बड़जात्या, आदि सहित अन्य स्थानों के श्रद्धालुगण भी बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
