जिस घाट पर शेर और गाय एक साथ पानी पीते हैं वहां जिनधर्म है आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज
इंदौर
सुमति धाम में आयोजित पट्टाचार्य महोत्सव के दूसरे दिन आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर महाराज ने अपना मंगल प्रवचन देते हुए गुरु के प्रति श्रद्धा रखने पर जोर दिया आचार्य श्री ने कहा कि मौसम अपना धर्म नहीं छोड़ता, ऋतु अपना धर्म नहीं छोड़ती तो हमसे गुरु भक्ति कैसे छूट सकती है। उन्होंने ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि ध्यान रहे गुरु के प्रति श्रद्धा होने से ही ज्ञान मिलता है। एक उदाहरण के माध्यम से कहा कि संसार में आम को देखकर मुंह में लार रसायन उत्पन्न होते हैं। उसी प्रकार भगवान के दर्शन से सम्यक दर्शन की प्राप्ति होती हैं।
आचार्य श्री ने जैन धर्म के विषय में बोलते हुए कहा कि जिस घाट पर गाय और शेर एक साथ पानी पीते हैं वहां जिनधर्म है। जिन शासन ही मेरा संघ है, जिन आज्ञा ही मेरी परंपरा है।
इस अवसर पर आचार्य श्री पुष्पदंत सागर महाराज के भी मंगल प्रवचन हुए इस महा महोत्सव में आचार्य श्री के साथ 12 आचार्य, आठ उपाध्याय, 140 दिगंबर मुनि, 9 गणिनी आर्यिका, 123आर्यिका माताजी,105 ऐलक, क्षुल्लक,क्षुल्लिका,की आहारचर्या लगभग 360 चौकों में संपन्न हुई।
चिलचिलाती धूप में महाराज श्री धूप में कर रहे हैं तपस्या
दिगंबर संत की तपस्या सचमुच अद्भुत है जो सर्दी गर्मी की परवाह नहीं करते हैं ऐसा ही अलौकिक क्षण सुमति धाम इंदौर में देखने को मिला जी हां आचार्य श्री के शिष्य न केवल पट्टाचार्य महोत्सव में शामिल हुए हैं बल्कि अपने गुरु के द्वारा दिए गए ज्ञान को और बढ़ाते हुए चिलचिलाती धूप में तपकर खुद को कुंदन बना रहे हैं। मुनिश्री श्रुसत सागर महाराज एवम विमल सागर महाराज ने सुमति धाम की पावन धरा पर घंटों तप साधना की। प्रातः की बेला में आहारचर्या में गुरुदेव तपती सड़क पर निकले तो उनको आहार देने के लिए गुरु भक्त गर्मी एवं तपती सड़क की भी परवाह नहीं की और गुरुदेव के साथ दौड़ पड़े।
विरागोंदय तीर्थ की प्रतिकृति आकर्षण का केंद्र बिंदु
आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज की प्रेरणा से निर्मित विरागोंदय तीर्थ की प्रतिकृति इस महोत्सव में आकर्षण का केंद्र बिंदु है। इसी के साथ आचार्य श्री विरागसागर महाराज के साहित्य सृजन को भी अलग से स्वाध्याय मंडप बनाकर प्रस्तुत किया गया है।

लेजर लाइट शो के द्वारा जैन तीर्थ की जानकारी
महोत्सव में लेजर लाइट शो के माध्यम से धर्म के प्रतीकों से परिचित करवाया जा रहा है। विभिन्न तरह के प्रेरक वचनों को नृत्य नाटिका के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

शास्त्र प्रदर्शनी का होगा लोकार्पण


मंगलवार की दोपहर बेला में आचार्य श्री के सानिध्य में शास्त्र प्रदर्शनी का लोकार्पण गुरु भक्तों द्वारा किया जाएगा एवं आज रात्रि में मेहुल जैन द्वारा भजन संध्या होगी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312









