परम पूज्य आचार्य श्री विश्वरत्न सागर महाराज का हुआ भव्य मंगल प्रवेश संत तोड़ने का नहीं जोड़ने का काम करता है विश्वरत्न सागर महाराज
रामगंजमंडी
धर्मनगरी रामगंज मंडी में परम पूज्य आचार्य श्री विश्वरत्न सागर महाराज का मंगल आगमन हुआ। परम पूज्य महाराज श्री जैसे संघ सहित स्टेशन चौराहे पर पहुंचे तो समाजजनों ने जय जयकार करते हुए गुरुदेव की अगवानी की और श्वेतांबर जैन श्री संघ के अध्यक्ष श्रीमान राजकुमार पारख के साथ सभी समाज बंधुओ ने गुरुदेव की भव्य अगवानी की उसके उपरांत महिला शक्ति ने गुरुदेव की मस्तक पर मंगल कलश धारण कर परिक्रमा करते हुए एवं मंगल आरती करते हुए अगवानी की जय जयकार के साथ एवं भक्ति नृत्य करते हुए युवा शक्ति चल रही थी आज का यह प्रवेश रामगंजमंडी में एक धर्मनिरपेक्षता का उदाहरण बन गया हर एक वर्ग गुरुदेव के दर्शन को आतुर था जैसे ही गुरुदेव श्री शांति lनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचे तो संरक्षक अजीत सेठी, अध्यक्ष दिलीप कुमार विनायका एवम समाज बंधुओ ने प्रवेश द्वार पर गुरुदेव की मंगल आरती कर अगवानी की। उसके उपरांत गुरुदेव ने श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर के दर्शन किए दर्शन उपरांत गुरुदेव को नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए श्री श्वेतांबर जैन मंदिर लाया गया मार्ग में श्री गिराज धरण समूह द्वारा गुरुदेव की पुष्प दृष्टि की मंगलअगवानी की इसी के साथ भारत विकास परिषद रामगंज मंडी की ओर से भी गुरुदेव का अभूतपूर्व स्वागत किया गया।
मंगल अगवानी के इन दुर्लभ क्षणों में नवरत्न परिवार रामगंजमंडी एवम युवा भक्ति नृत्य करते हुए चल रही थी गुरुजी हमारे अंतर नाम आपो राखो आशीर्वाद की गूंज गूंज युवा शक्ति एवं नवरत्न परिवार ने गुरुदेव की परिक्रमा करते हुए भक्ति नृत्य करते हुए गुरुदेव की अगवानी की। जैसे ही गुरुदेव श्री आदिनाथ दिगंबर जैन श्वेतांबर मंदिर के समीप पहुंचे तो मौजूद भक्तों एवं युवा शक्ति का उत्साह दुगना हो गया एवं गुरुदेव को भक्तों ने अपने कंधों पर उठा लिया और जय जयकार किया। मंदिर के प्रवेश द्वार पर भी गुरुदेव की अलौकिक अगवानी की। इसके उपरांत गुरुदेव ने भगवान आदिनाथ के समक्ष बैठकर भक्ति की एवं समाज जन भी उनके साथ भक्ति की।

बाद में यह शोभायात्रा धर्म सभा में परिवर्तित हो गई एवं धर्म सभा का संचालन प्रकाश धारीवाल ने किया धर्म सभा के प्रारंभ में गुरुदेव की वंदना की गई एवं मंगलाचरण अदिति कोठारी द्वारा किया गया इस अवसर पर गुरुदेव ने 5 वर्ष पूर्व रामगंजमंडी में जब आए थे उन स्मृतियों को साझा किया।
और उन्होंने कहा कि पत्थर की नगरी में मैं 5 साल बाद आया हूं मैं यहां पर आपका प्यार पाने के लिए आया हूं। मैं तोड़ने के लिए नहीं, जोड़ने के लिए आया हूं। उल्लास के साथ आपके भीतर धर्म जागृत करने के लिए आया हूं। आराम करने के लिए नहीं कुछ पाने के लिए एवं जगाने के लिए आया हूं।

आचार्य श्री ने उद्घोष करते हुए कहा कि हमें जागना होगा, सोचना होगा, जैनत्व को जागृत करना होगा।
मैं आप लोगों से संवाद करना चाहता हूं। गुरुदेव का 3 दिन प्रवास
रामगंजमंडी नगर में रहेगा उसके बाद गुरुदेव भवानीमंडी की और प्रस्थान करेंगे जहां भव्य महामांगलिक होगी।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
