होटलों, घरों से खाना लेकर गोवंश की मिटा रहे भूख, रोज 700 किलो खाना गोशाला में पहुंचा रहे
बीना-खुरई
कृषि यंत्र बनाने वाले शहर के एक व्यापारी गोवंश की भूख मिटाने हर रोज 20 हजार रुपए खर्च कररहे हैं। होटलों और घरों का बासा खाना एकत्रित कराकर गोशाला पहुंचा रहे हैं। शहर में रोज 700किलो से ज्यादा खाना जमा कर वह दयोदयगोशाला भेज रहे हैं। इससे एक ओर जहां होटलोंऔर घरों में बचे हुए खाना का सदुपयोग हो रहा हैतो वहीं गोवंश की भूख मिटाई जा रही है।कृषि यंत्र बनाने वाले व्यापारी नीलेश जैन नेबताया कि वह अक्सर गोशाला में गायों को घांसलेकर जाते थे। उन्होंने देखा कि चारे की कमी से गोवंश का बुरा हाल है।
गोवंश को भूखा देख उन्होंने होटलों और घरों का बासा खाना जुटाने का प्लान तैयार किया। दो साल पहले उन्होंने रिक्शा से खानाकलेक्शन शुरू कराया था। लोगों ने गोवंश केलिए खाना देने में भारी रुचि दिखाई और कुछ ही दिनों में खाना 200 किलो से ज्यादा जमा होने लगा।
रिक्शा से कर्मचारी को खाना जमा करगोशाला जाने में दिक्कत आने लगी, इसलिएउन्होंने छह माह बाद 1.70 लाख रुपए का तीनपहिया ऑटो खरीद कर बासी खाना जमा करनेवाले कर्मचारी को दे दिया। इस ऑटो की मदद सेरोज 700 किलो से ज्यादा खाना लेकर गोशाला मेंगोवंश के लिए भेजा जा रहा है।
खाना कलेक्शन का अपने पास से करते हैं भुगतान
खाना कलेक्शन में जो खर्च आता हैउसका भुगतान व्यापारी अपनी जेब सेकरते हैं। सुबह से शाम तक खानाकलेक्शन करने वाले कर्मचारी रामजीकुशवाहा को वह हर माह 15 हजारवेतन देते हैं। ऑटो के माध्यम सेरामजी अलग-अलग बाल्टियों में खाना लेकर गोशाला में रखे टबो मेंडाल दिया जाता है। पौष्टिक औरअच्छा आहार मिलने से गोवंश सेहत भी सुधर रही है।

भोजन देने मैरिज गार्डन से भी आते हैं फोन
व्यापारी बताते है कि पहले सिर्फ होटलों से खाना उठाया जाता था,लेकिन बाद में लोग घरों में बचनेवाला खाना भी गोशाला के लिए देने लगे। प्रचार प्रसार होने के कारणअब मैरिज गार्डनों से खाने के लिएफोन आते हैं। उन्होंने बताया कि कभी-कभी तो एक दिन में 1 हजार किलो से ज्यादा खाना जमा होजाता है, इससे गोवंश की भूख
मिटाई जा रही है।अपने आप में यह अनूठी पहल कहीं जा सकती है यह कार्य अपने आप में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
