धर्म कार्य में अच्छी भावनाएं कर ली तो सब अच्छा हो जाए मुनि श्री विमल सागर महाराज
खुरई
परम पूज्य मुनिश्री विमल सागर महाराज संघ सानिध्य में पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन हो रहा है शुक्रवार को जन्म कल्याणक महोत्सव की क्रियाएं संपन्न की गई। विनय भैया जी के निर्देशन में यह पंचकल्याणक महोत्सव चश्मा ग्राउंड में हो रहा है।
पूज्य मुनि श्री 108 विमल सागर महाराज ने जन्म कल्याणक महोत्सव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साढ़े बारह करोड़ वाद्य यंत्र बजाते हैं प्रभु के जन्म होते ही। तीनों लोकों में आनंद छा जाता है। नरको में भी क्षण भर के लिए शांति छा जाती है। स्वर्ग में इंद्र के आसन भी कंपायमान हो जाते है।
प्रभु की मनोहारी छवि से मन नहीं भरता है और इंद्र 1000 नेत्र बनाकर प्रभु के दर्शन करता है। ऐरावत हाथी पर बिठाकर सुमेरु पर्वत पर पांडुक शिला पर जन्माभिषेक होता है।


मुनि श्री ने कहा कि व्यक्ति संसार के कार्यों में रात दिन एक कर देता है, प्राणी धर्म के कार्यों में अच्छी भावनाएं कर ले तो सब अच्छा हो जाए। प्रभु के जन्म के समय 14 करोड़ रत्न बरसते हैं। दिव्यरत्नों की वर्षा होती है। प्रभु के जन्म पर शंखनाद घंटे बजते रहते हैं।



दान करते रहे दान करने से दुर्गति का नाश होता है। दान महान बनाता है। जो दान जितनी जल्दी देता है उसका खजाना उतना जल्दी भरता चला जाता है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
