श्रीमान अशोक पाटनी आरक मार्बल ग्रुप के निर्देशन में सकल दिगंबर जैन समाज किशनगढ़ ने आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज के चरणों में 2025 किशनगढ़ चातुर्मास हेतु निवेदन कर किया श्रीफल भेट
पारसोला.

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से संघ सहित वर्ष 2025 का वर्षायोग किशनगढ़ में करने का निवेदन करने सैकड़ो भक्त 27 जनवरी को पारसोला गामड़ी पहुंचें पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री 108वर्धमान सागर जी महाराज अपने संघ के शिष्यों मुनि श्री108 हितेंद्र सागर ,श्री दर्शितसागर,श्री प्रबुद्ध सागर,क्षु श्री विशालसागर ,श्री प्राप्ति सागर महाराज एवम आर्यिका श्री105 शीतलमति, श्री चैत्यमति श्री वत्सलमति,श्री विलोकमति ,विचक्षणमति ,श्री विन्रममति,श्री दर्शनामति,श्री देशनामति, श्री निर्मोहमती ,श्री पद्मयशमति 15 साधुओं सहित गामड़ी में विराजित हैं। गामड़ी संघस्थ आर्यिका श्री शीतल मति जी की गृहस्थ अवस्था की कर्म भूमि हैं।विनोद ,गौरव पाटनी राजेश पंचोलिया अनुसार मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन पंचायत, तथा आदिनाथ दिगंबर जैन पंचायत मदनगंज किशनगढ़ सहित सभी दिगंबर मंदिरों के सानिध्य एवं प्रसिद्ध भामाशाह आर के मार्बल ग्रुप के आदरणीय अशोक पाटनी मदनगंज किशनगढ़ के नेतृत्व में लगभग 600 से अधिक भक्त आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को संघ सहित वर्ष 2025 का चातुर्मास मदनगंज किशनगढ़ में करने हेतु रजत श्रीफल भेंट किया। इसके लिए 8 बड़ी बसे तथा 40 से अधिक कार से श्रद्धालु 26 जनवरी को किशनगढ़ से प्रस्थान कर 27 जनवरी को गामड़ी आए। इस अवसर पर अशोक पाटनी आर के मार्बल ने अपने भावुक शब्दों में बताया कि गुरुदेव आपने वर्ष 2014 में किशनगढ़ में वर्षा योग किया था किंतु तब हम प्यासे रह गए थे ,आपने आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से वर्ष 2025 की ग्रीष्मकालीन वाचना वर्ष 2025 का चातुर्मास प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज का आचार्य पद प्रतिष्ठापना शताब्दी महोत्सव कार्यक्रम शीत कालीन प्रवास तथा आचार्य श्रीवर्धमान सागर की जन्म जयंती का हीरक महोत्सव किशनगढ़ में पूर्ण श्रद्धा और भक्ति से मनाने हेतु किशनगढ़ पधारने का अनुरोध किया।दशा हूंमड समाज गामड़ी के पंच सूरजमल,संदीप,ऋषभ,जयंतीलाल ने बताया कि प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी नव निर्मित भवन का लोकार्पण एवं वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री वर्धमान सागर संत भवन का शिलान्यास प्रसिद्ध उद्योगपति अशोक जी पाटनी किशनगढ़ द्वारा आचार्य श्री वर्धमान सागर जी सानिध्य में किया गया। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का संघ सहित पुनः पारसोला के लिए 27 जनवरी दोपहर को मंगल विहार हुआइसके पूर्व 25 जनवरी को आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के शिष्य मुनि श्री आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के पवित्र पावन चरणों की वंदना दर्शनार्थ पधारे।
राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
