सम्मेद शिखर स्वर्ण भद्र टोंक पर 30000 से अधिक तीर्थ यात्रियों की उपस्थिति में निर्वाण लाडू किया गया समर्पित

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सम्मेद शिखर स्वर्ण भद्र टोंक पर 30000 से अधिक तीर्थ यात्रियों की उपस्थिति में निर्वाण लाडू किया गया समर्पित

पारसनाथ
संपूर्ण विश्व को दया, करुणा, अहिंसा व शांति के संदेश देने वाले 1008 भगवान पार्श्वनाथ मोक्ष कल्याणक दिवस भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ।

 

 

हजारों की संख्या में स्वर्णभद्र टोंक पर निर्वाण लाडू समर्पित किया गया। इस अवसर पर जय पारस जय पारस की जयकारों का शोर सुनाई दे रहा था प्रथम लाडू चढ़ाने का सौभाग्य दिल्ली के व्यवसाई प्रवीण गोद्धा को प्राप्त हुआ। वंदना के मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर यात्रियों की सुविधा के लिए चाय, शिकंजी,हलवा, नाश्ता, भोजन आदि की निशुल्क व्यवस्था ट्रस्टों द्वारा की गई।

 

स्वच्छता समिति ने भी श्रद्धालुओं के पैरों के मसाज वह दर्द दूर करने वाली उकाली की व्यवस्था शिविर में की थी। यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तेद रहा।

शनिवार की रात्रि 10:00 बजे से ही यात्रियों का पर्वत पर वंदना करना शुरू हो गया था और यात्री पारसनाथ पर्वत हेतु प्रस्थान करने लग गए थे। झमाझम बारिश के बीच जयकार लगाते हजारों भक्त रात के अंधेरे में भी वंदना कर रहे थे। वहीं प्रातः 5:00 बजे मधुबन से साधु संतों की उपस्थिति में भगवान की प्रतिमा को मस्तक पर रखकर पर्वत की ओर नाचते गाते भक्ति करते हुए निर्वाण लाडू समर्पित करने हेतु रवाना हुए। जिसमें तीर्थ क्षेत्र कमेटी 20 पंथी कोठी के ट्रस्ट मंडल के लोग शामिल थे। ढोल बाजे के साथ नाचते, गाते, झूमते भक्ति करते पारसनाथ पर्वत स्थित स्वर्णभद्र टोंक पर भगवान पारसनाथ के श्री चरणों में निर्वाण लाडू समर्पित किया गया।

 

 

मधुबन क्षेत्र की समस्त जैन समाज भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी, गुणायतन, सेवायतन, के सहयोग से हेल्थ कैंप भी लगे हुए थे। पारसनाथ पर्वत पर निर्वाण लाडू समर्पित करने के उपरांत तीर्थ यात्रियों ने मधुबन के समस्त मंदिरों में निर्वाण लाडू समर्पितकिया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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